जिले के कई इलाकों में चल रहे हैं अवैध खनन प्रशासन के पहुंचने से पहले हों जाते है रफू चक्कर
सूत्रो के हवाले से चेंगाडांगा, हमरुल, सालपतरा, में अवसर देखकर हो रहा है अवैध परिवहन और लीज एरिया से हटकर खनन
झारखंड नामा/अमित कुमार दास
पाकुड:–सदर प्रखण्ड में पत्थर माफियाओं के बुलंद हौसले के आगे ज़िला प्रशासन बेबस नज़र आ रहे है आपको बता दे की पत्थर माफिया नियमो कानूनों को दर किनार करते हुए पाकुड़ जिले के मालपहाड़ी थाना क्षेत्र के कई इलाकों में सूत्रों के हवाले यह जानकारी हैं की चेंगाडांगा हमरूल कान्हूपूर सालपतरा अवैध खनन के साथ साथ बगैर माइनिंग चालान के गिट्टी लदे ट्रैक्टर का परिचालन जोरो से जारी है इसके अलावा खदान और क्रेशर रात में चलाई जाती है पत्थर को खदान से लाकर दिन तो दिन रातभर खदान और क्रेशर चलाई जाती है, प्रखण्ड के इन क्षेत्रों में सालपतरा, पीपलजोड़ी मालपहाडी के कई जगहों में जितने भी वैध खदान और क्रेशर है सब के सब अवैध तरीके से रात भर चलाई जाती हैं ज़िला प्रशासन दिन के उजाले में निरिक्षण करते हैं माफिया रात का अंधेरा का भरपूर इस्तेमाल करते हैं पत्थर माफियाओं पर अंकुश लगाना अत्यंत आवश्यक है अन्यथा सबसे ज्यादा खमियाजा पाकुड़ प्रखण्ड के लोगों को उठाना पड़ रहा है

बता दे की कई नेताजी का इस क्षेत्र मे भी दब दबा कायम है नेताजी सरकारी ज़मीन को अतिक्रमण करके अवैध उत्खनन करके समाप्त करने का कगार में ला दिया है बात करें सुंदरापाहड़ी की तो ग्रामीण सड़क को अतिक्रमण करके खनन करके समाप्त कर दिया है जिसका प्लॉट संख्या 336 है, अवैध खनन मामले को लेकर झारखण्ड उच्च न्यायालय मे 2018 मे एक रिट याचिका दायर है और उक्त आदेश मे स्पष्ट है की उक्त क्षेत्र मे अवैध खनन पर रोक लगाई जाये के बावजूद भी जिला प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की करवाई ना करना यह भी एक बड़ी सवाल खड़ा होती है इसी प्रकार प्राय सभी राजनीतिक दलों के नेताजी की यह क्षेत्र मलाई और रावड़ी बन चुकी है और यह बहुत बड़ी छूट केवल राजनेता के पहुंच वाले महानुभावो को ही मिलती दिखाई दे रही है, कितने ही लीजधारी अपने लीज से बाहर कितने ही खदान समाप्त कर दिए है जो एक गंभीर आपराधिक मामला है पर कमीशन के आगे सिस्टम बेवस दिखाई दे रहे है अवैध विस्फोटक की इस्तेमाल पूरजोर हो रहा है और ज़िला प्रशासन अनभिज्ञ है अनभिज्ञ है कहीं ना कहीं पाकुड़ खनन विभाग के कई रसूखदार और पत्थर माफिया का गठजोड़ तो नही है इस मामले पर करवाई नहीं होने का यह मुख्य कारण यह भी हो सकता है प्राप्त जानकारी के अनुसार पीपलजोड़ी एवं अन्य खनन क्षेत्र मे विद्यालय के समीप भी लीज की स्वीकृति खनन विभाग द्वारा दी गई है
Author: Jharkhand Nama
News portal





