समाजसेवी सह प्रसिद्ध एवं सफल पत्थर व्यवसाई लुत्फ़ल हक़ की एक झलक जनवरी 2024 से दिसम्बर 2024 तक की उनके द्वारा समाज के प्रति योगदान की गाथा
जनवरी 2024 की कड़ाके की ठंड में गरीबों में दस हजार कंबल और टोपी बाटकर गरीबों के बीच रहे समाजसेवी लुत्फुल हक
गरीबों की मदद करना सबसे बड़ा कर्म- लुत्फुल हक
पाकुड़: ये हाड़ कंपा देने वाली ठंड के थपेड़ों से थम न जाए उनकी जिंदगी, इन्हें गर्म कपड़े दान कर आईए निभाएं अपनी जिम्मेदारी। इसी नेक इरादों के साथ पाकुड़ के जाने-माने और चर्चित समाजसेवी लुत्फुल हक 10,000 (दस हजार) कंबल और टोपी गरीबों को बांटने चले हैं। इसकी शुरुआत शनिवार को पाकुड़ प्रखंड के मनीरामपुर पंचायत से हुई। मनीरामपुर में समाजसेवी लुत्फुल हक ने अपने हाथों से सैंकड़ों गरीबों को कंबल और टोपी दिया। उन्होंने यहां मनीरामपुर सहित रहसपुर, नवादा, ईशाकपुर और जयकिस्टोपुर के गरीब जरूरतमंदों को कंबल और टोपी बांटे। इस दौरान मुखिया मजिबूर रहमान सहित गांव के गणमान्य लोग मौजूद थे। इसके बाद इलामी और तारानगर पंचायत में भी सैंकड़ों गरीबों को कंबल और टोपी का वितरण किया। इलामी के नाबू मोड़ और तारानगर पंचायत भवन में 500 जरूरतमंद महिला और पुरुष लाभुकों को कंबल और टोपी मुहैया कराया गया। लुत्फुल हक का कंबल और टोपी वितरण का सिलसिला यहीं नहीं रुका। इसके बाद चेंगाडांगा क्रिकेट मैदान में पांच-पांच पंचायत के जरूरतमंदों के बीच कंबल और टोपी बांटे। यहां हजारों की संख्या में पहुंचे गरीबों को ठंड से राहत पहुंचाने का काम किया। इस तरह तकरीबन दर्जन भर पंचायत के गरीब जरूरतमंद कंबल और टोपी से लाभान्वित हुए। इस दौरान कड़ाके की ठंड में बड़ी मुश्किल से रात बिताने वाले गरीबों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने समाजसेवी लुत्फुल हक को दीर्घायु और तरक्की की दुआएं दी। वहीं समाज के लोगों ने लुत्फुल हक की काफी प्रशंसा की और कहा कि गरीबों की परेशानी को महसूस करने वाले ऐसे लोग बहुत कम मिलते हैं। आज के समय में जहां लोग सिर्फ और सिर्फ खुद के लिए ही सोचते हैं। ऐसे में लुत्फुल हक की जितनी भी प्रशंसा की जाए, वह काम है। मौके पर लुत्फुल हक ने गरीबों से अपना बीते दिनों की बातों को साझा करते हुए कहा कि कभी मैं भी गरीब और असहाय था। मैं बचपन से ही गरीबी की मार को महसूस करते आ रहा हूं। मेरा बचपन ही गरीबी में बीता है। मैं अपने दौर के उन दिनों को आज भी याद करता हूं, जब मैं एक-एक चीज का मोहताज था। आज ऊपर वाले ने मुझे गरीबों की सेवा करने का अवसर दिया है। मैं ऊपर वाले का लाख-लाख शुक्रिया अदा करता हूं। आप सभी का भी शुक्र अदा करता हूं कि आपने मेरे दान को कबूला। मैं आप सभी को भरोसा दिलाता हूं कि आगे भी इंशाल्लाह आप लोगों के बीच आता रहूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि मैं गरीबों की सेवा को सबसे बड़ा कर्म मानता हूं। मेरा मानना है कि अगर खुदा ने हमें इस लायक बनाया है, तो दूसरों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। मौके पर मुखिया अब्दुल समद, अब्दुल लतीफ, अंसारुल हक, नसीम आलम, अजमल हुसैन आदि मौजूद थे।
लुत्फुल हक ने एक हजार गरीबों के बीच बांटे कंबल और टोपी
समाजसेवी लुत्फुल हक शहर और ग्रामीण क्षेत्र में मिलाकर 1000 गरीबों के बीच कंबल और टोपी का वितरण किया। जिले में 10,000 कंबल और टोपी वितरण का नेक इरादा लेकर निकले समाज सेवी लुत्फुल हक ने बस स्टैंड में वितरण समारोह आयोजित कर गरीबों को कंबल और टोपी मुहैया कराया। आयोजित वितरण समारोह में शहर के तकरीबन 1000 जरूरतमंद असहाय गरीबों के बीच कंबल और टोपी का वितरण किया गया। इस खास मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी हरिवंश पंडित बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने समाजसेवी लुत्फुल हक के द्वारा गरीबों को पहुंचाएं जा रहे मदद की खुलकर प्रशंसा की। अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि समाजसेवी लुत्फुल हक हमेशा गरीबों के लिए सोचते हैं। किस तरह से असहाय जरूरतमंदों को मदद पहुंचाई जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिले, इसी सोच में रहते हैं। आज कड़ाके की ठंड में असहाय लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कंबल और टोपी का वितरण किया जा रहा है। इस नेक आयोजन में शामिल होकर मुझे खुशी महसूस हो रही है। मैं समाजसेवी लुत्फुल हक का धन्यवाद करता हूं। इसी तरह गरीबों की मदद करते रहे। मौके पर वार्ड पार्षद अजय रविदास भी मौजूद थे।उल्लेखनीय है लुत्फ़ल हक द्वारा बीते एक सप्ताह से कम्बल वितरण कार्यक्रम किया जा रहा है।सदर ब्लॉक में मनिरामपुर रहसपुर नवादा ईलामी तारानगर इशाकपुर चेंगाडांगा सीतापहाड़ी नसीपुर पुर,जयकीस्टो पुर के अलावे बड़हरवा ब्लॉक के बीस पंचायतों में कम्बल वितरण किया गया है। इस कड़ाके की ठंड में मौसम का मार झेल रहे असहाय लोगों के चेहरे पर मुस्कान देखी गई। लोगों ने कंबल और टोपी पाकर राहत महसूस किया। कंबल और टोपी पाने वाले लोगों ने समाजसेवी लुत्फुल हक के बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की जा रही है।मौके पर हजारों असहाय और दबे कुचले लोग कम्बल वितरण कार्यक्रम का गवाह बने थे
असहायों को ठंड से बचाने के लिए समाजसेवी लुत्फुल हक ने फिर बढ़ाया मदद का हाथ
एक हजार गरीबों को बांटे कंबल और टोपी पिछले कुछ दिनों से तापमान में गिरावट और ठंड में इजाफा को देखते हुए असहाय गरीबों को राहत दिलाने के लिए समाजसेवी लुत्फुल हक गरीबों के बीच जाकर उन्हें गर्म कपड़े बांट रहे हैं। यह सिलसिला पिछले करीब एक पखवाड़े से लगातार जारी है। इधर शुक्रवार को भी उन्होंने उदय नारायणपुर गांव में 1000 गरीबों को कंबल वितरण कर ठंड से राहत पहुंचाने का काम किया। उन्होंने उदयनारायणपुर सहित झिकरहटी पूर्वी और पश्चिमी पंचायत एवं किस्मत कदमसार पंचायत के जरूरतमंदों को कंबल और टोपी मुहैया कराया। आयोजित कंबल वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीपीओ अजीत कुमार विमल मौजूद थे। उनके साथ मुफस्सिल थाना प्रभारी अमर कुमार मिंज अपने अधीनस्थ पुलिस कर्मियों के साथ शामिल हुए। एक हजार गरीब असहायों को कंबल के साथ-साथ टोपी भी मुहैया कराया। इस दौरान एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने समाजसेवी लुत्फुल हक की सराहना करते हुए कहा कि मैं इनके नेक कार्यों से काफी प्रभावित हूं। इनके दीर्घायु और बेहतर स्वास्थ्य की कामना करता हूं। एसडीपीओ ने कहा कि ऐसे नेक व्यक्ति को अल्लाह ताला और भी बरकत दें। ताकि अधिक से अधिक गरीबों का भला कर सकें। उन्होंने कहा कि समाजसेवी लुत्फुल हक के एक बात से मैं काफी ज्यादा प्रभावित हुआ हूं, लुत्फुल हक जी कहते हैं कि मेरा कुछ भी नहीं है। मैं तो बस अपनी सुकून के लिए करता हूं। मुझे गरीबों की मदद करने से सुकून मिलता है। मेरा कुछ भी नहीं है, सब कुछ अल्लाह ताला का दिया हुआ है। एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने कहा कि लुत्फुल हक जी के इस सोच विचारधारा ने मुझे काफी प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि शायद ही ऐसा कोई गांव मोहल्ला बचा होगा, जहां उनकी नजर ना गया हो। एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि चुनाव लड़ने के लिए लुत्फुल हक जी यह सब कर रहे हैं। लेकिन लुत्फुल हक जी का कहना है कि उन्हें राजनीति से कोई मतलब नहीं है। वहीं समाजसेवी लुत्फुल हक ने कहा कि मेरा बचपन गरीबी में गुजारा है। मैं गरीबों को काफी नजदीक से देखा हूं। मुझे भूखे पेट सोने का दर्द आज भी महसूस होता है। अल्लाह ताला ने मुझे गरीबों की मदद के लायक बनाया है। मुझे गरीबों की सेवा का अवसर दिया है। मैं बस इसी सोच के साथ जरूरतमंद लोगों की सेवा करना चाहता हूं कि कोई भी भूखा पेट नहीं सोए। कोई भी व्यक्ति ठंड से परेशान ना रहे। मुझे आप सबों से दुआ और आशीर्वाद चाहिए
कड़ाके ठंड के बीच समाजसेवी लुत्फुल हक ने 530 गरीबों को बांटे कंबल और टोपी कड़ाके की ठंड के बीच समाजसेवी लुत्फुल हक का कंबल और टोपी वितरण लगातार जारी है। असहाय गरीबों को राहत दिलाने के लिए समाजसेवी लुत्फुल हक गरीबों के बीच जाकर उन्हें गर्म कपड़े बांट रहे हैं। यह सिलसिला पिछले करीब एक महीने से लगातार जारी है। इधर मंगलवार को भी उन्होंने कुलापहाड़ी खेल मैदान में 530 गरीबों को कंबल वितरण कर ठंड से राहत पहुंचाने का काम किया। उन्होंने संग्रामपुर, कुमारपुर, रानीपुर, कालिदासपुर, नरोत्तमपुर आदि गांवों के जरूरतमंदों को कंबल और टोपी मुहैया कराया। आयोजित कंबल वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी लुत्फुल हक के साथ हबिबुर रहमान, जलालुद्दीन शेख, सलीम शेख, मानिक हांसदा एवं असगर अली आदि मौजूद थे। इस दौरान अतिथियों ने समाजसेवी लुत्फुल हक की सराहना करते हुए कहा कि हम इनके नेक कार्यों से काफी प्रभावित हैं। इनके दीर्घायु और बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हैं। अतिथियों ने कहा कि ऐसे नेक व्यक्ति को अल्लाह ताला और भी बरकत दें। ताकि अधिक से अधिक गरीबों का भला कर सकें।कहा कि समाजसेवी लुत्फुल हक के एक बात से हम काफी ज्यादा प्रभावित हुए कि लुत्फुल हक जी कहते हैं कि मेरा कुछ भी नहीं है। मैं तो बस अपनी सुकून के लिए करता हूं। मुझे गरीबों की मदद करने से सुकून मिलता है। मेरा कुछ भी नहीं है, सब कुछ अल्लाह ताला का दिया हुआ है। अतिथियों ने यह भी कहा कि लुत्फुल हक जी के इस सोच विचारधारा ने हमें काफी प्रभावित किया है। कहा कि शायद ही ऐसा कोई गांव मोहल्ला बचा होगा, जहां उनकी नजर ना गया हो। यह भी कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि चुनाव लड़ने के लिए लुत्फुल हक जी यह सब कर रहे हैं। लेकिन लुत्फुल हक जी का कहना है कि उन्हें राजनीति से कोई मतलब नहीं है। वहीं समाजसेवी लुत्फुल हक ने कहा कि मेरा बचपन गरीबी में गुजारा है। मैं गरीबों को काफी नजदीक से देखा हूं। मुझे भूखे पेट सोने का दर्द आज भी महसूस होता है। अल्लाह ताला ने मुझे गरीबों की मदद के लायक बनाया है। मुझे गरीबों की सेवा का अवसर दिया है। मैं बस इसी सोच के साथ जरूरतमंद लोगों की सेवा करना चाहता हूं कि कोई भी भूखा पेट नहीं सोए। कोई भी व्यक्ति ठंड से परेशान ना रहे। मुझे आप सबों से दुआ और आशीर्वाद चाहिए। वहीं कंबल और टोपी वितरण समारोह में लाभुकों के चेहरे पर मुस्कान देखी गई। लाभुकों ने समाजसेवी लुत्फुल हक को बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु की दुआएं दी
समाजसेवी लुत्फ़ल हक को सिंगापूर में एशिया बिजनेस एक्सलेंस अवार्ड से नावाजा गया
समाजसेवी लुत्फ़ल हक ने जरूरत मंदो में बाँटे लुंगी और साड़ी
पाकुड़-पाकुड़ के मशहूर समाजसेवी लुत्फ़ल हक के सौजन्य से इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी फरक्का शाखा ने साढ़े तीन सौ गरीबों के बीच वस्त्र दान किया गया.उक्त कार्यक्रम में समाजसेवी लुत्फ़ल हक़,फरक्का थाना प्रभारी नीलोतपल मिश्रा, जंगीपुर कोर्ट के वरीय अधिवक्ता रबीउल आलम,ईमरान अली,इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के अधिकारी मौजूद थे.वस्त्र वितरण में साड़ी, लुंगी,चादर,टोपी और कंबल दिया गया.लुत्फ़ल हक ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया सुचना मिली थी की फरक्का थाना क्षेत्र के कुछ गांव में काफ़ी निर्धन और लाचार लोगों को साड़ी, लुंगी,चादर के अलावे ऊनि टोपी और कंबल की आवश्यकता है.हमने तुरंत स्थानीय क्लब के युवा को वस्त्र वितरण करने का आग्रह किया. उल्लेखनीय है की समाजसेवी लुत्फ़ल हक द्वारा लगातार पाकुड़ जिले के अलावे बड़हरवा और पश्चिम बंगाल के फरक्का और शमसेरगंज थाना क्षेत्र में लगातार समाजसेवा का काम कर रहे है. यहाँ तक की भूखे और गरीबों को भोजन भी कराते हैँ. बता दें पाकुड़ रेलवे स्टेशन में पिछले कई माह से ढाई सौ गरीबों को निः शुल्क भोजन कराते हैँ. वे कहते है खाली हाथ आये है और खाली हाथ जायेंगे. इस लिए अपने इनकम से साठ प्रतिशत राशि गरीबों और जरूरतमंदो में वितरण कर देता हूँ.
दस महीनों में सत्तर हजार से अधिक लोग निःशुल्क भोजन का ले चुके हैं लाभ
समाजसेवी लुत्फुल हक ने गरीबों की थाली में परोसा भोजन, खुद भी खाया
किसी ने क्या खूब कहा है, जरूरी नहीं कि सारा दान वहां दें जहां भगवान अमीर हो, थोड़ा दान वहां भी दें जहां भूखा गरीब हो। यह पंक्तियां समाजसेवी लुत्फुल हक के लिए फिट बैठती है, जिन्होंने हर दिन 250 असहाय गरीबों की भूख मिटाने का बीड़ा उठा रखा है। यह सेवा पिछले करीब दस महीनों से रेलवे स्टेशन परिसर में निरंतर जारी है। अब तक सत्तर हजार से भी अधिक गरीबों को भोजन कराया जा चुका है। पाकुड़ के चर्चित समाजसेवी लुत्फुल हक ना सिर्फ भोजन बनाकर गरीबों को बांटने के लिए टीम को यूं ही छोड़ दिया है, बल्कि कमियों पर निगरानी भी रखते हैं। अपनी टीम से लगातार संपर्क में रहते हैं और किसी भी तरह की कमी को तुरंत पूरा करते हैं। अपनी टीम के सहयोग से हर दिन करीब 250 लोगों को भोजन कराते हैं। इतना ही नहीं, वे खुद भी रेलवे स्टेशन परिसर पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लेते हैं। इस दौरान समाजसेवी लुत्फुल हक खुद अपने हाथों से गरीबों को भोजन परोसते भी है। भोजन की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान रखते हैं। इसके लिए खुद गरीबों के साथ भोजन करते भी हैं। ताकि गुणवत्ता और उसका स्वाद का पता लगाया जा सके। इधर शनिवार को ही वे अचानक ही रेलवे स्टेशन पहुंच गए और तकरीबन दो घंटे तक अपने हाथों से गरीबों को भोजन परोसा। अपनी टीम को लेकर गरीबों के साथ भोजन भी किया। कुल मिलाकर यह कह सकते हैं कि गरीबों की सेवा को समाजसेवी लुत्फुल हक सबसे बड़ा धर्म मान चुके हैं। लुत्फुल हक का मानना है कि भूख सबको लगती है। यह ऐसा क्षण होता है कि इंसान चाहे जितना भी पैसे वाला हो, जब तक पेट में अन्न नहीं जाता तब तक दुनिया की कोई भी चीज अच्छी नहीं लगती। पेट की आग गरीब ही नहीं, सबको एहसास होता है। इसलिए हमें उन असहाय गरीबों के बारे में सोचना चाहिए, जिन्हें एक वक्त की रोटी भी बड़ी मुश्किल से मिलता होगा। पेट की आग बुझाए बिना सो जाता होगा। इसलिए किसी गरीब भूखे को भोजन कराना सबसे बड़ा धर्म है। लुत्फुल हक बताते हैं कि मैं भी कभी ऐसी परिस्थितियों से गुजरा हूं। इसलिए मुझे गरीबों का दर्द पता है। यहां बताना जरूरी होगा कि समाजसेवी लुत्फुल हक गरीबों की सेवा के लिए देश विदेशों में बड़े-बड़े मंच पर सम्मानित हुए हैं। असहाय गरीबों को सालों से मदद करते आ रहे हैं। ठंड में कंबल वितरण, पर्व त्यौहारों में कपड़े, पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद, असहाय परिवार की बेटियों की शादी, गरीब मरीजों का इलाज में आर्थिक मदद करते आ रहे हैं। कोरोना काल में जरुरतमंदों तक भोजन या सूखा राशन पहुंचाने से लेकर सदर अस्पताल को ऑक्सीजन मुहैया कराने की बातों को कौन भूल सकता है। इधर रेलवे स्टेशन परिसर में पिछले साल 2023 को दो जून से गरीबों को भोजन शुरू किया गया। इसमें समाजसेवी हिसाबी राय का बहुत ही सराहनीय सहयोग रहा है। भोजन बनाने वाली टीम में जीवन साहब, हसन अंसारी और खिलाने वालों में अविनाश कुमार, मुन्ना कुमार, लालटू भौमिक, संजय मंडल, अजीत कुमार, राजकुमार एवं रहीम अंसारी शामिल हैं।
लुत्फुल हक ने दो घंटे तक ट्रेन में फंसे यात्रियों की बुझाई प्यास एक हजार पानी बोतल यात्रियों को मुहैया कराकर दिलाई राहत
पाकुड़-कोटालपोखर के बीच तिलभीठा रेलवे स्टेशन पर बुधवार को दो घंटे तक खड़ी ट्रेन में फंसे यात्रियों का समाजसेवी लुत्फुल हक ने पानी बोतल मुहैया कराकर प्यास बुझाने का काम किया। लुत्फुल हक ने तकरीबन एक हजार शीतल पानी बोतल मुहैया कराकर यात्रियों को राहत पहुंचाया। दरअसल बंगाल के फरक्का बैराज में ट्रक में आगलगी की घटना की वजह से ट्रेनों के परिचालन पर गहरा असर पड़ा। इसमें मालदा से होकर गुजरने वाली हैदराबाद की एक एक्सप्रेस ट्रेन भी शामिल थी। यह ट्रेन तिलभीठा स्टेशन पर करीब दो घंटे तक खड़ी रही। इस दौरान यात्रियों को पानी के लिए काफी परेशानियों से गुजरना पड़ रहा था। आग उगलती तेज धूप की वजह से ट्रेन में बैठे यात्रियों की मानों जान निकल रही थी। इनमें बुजुर्ग और बच्चें भी शामिल थे। पानी के अभाव में यात्रियों का गला सूख रहा था। किसी तरह का कोई उपाय नहीं होता देख, कुछ यात्रियों ने फोन घुमाना शुरू किया। इसी बीच समाजसेवी लुत्फुल हक को सूचना मिली कि यात्रियों को पीने के पानी की सख्त जरूरत है। पानी के लिए यात्रियों का बहुत बुरा हाल है। वहीं सूचना मिलते ही समाजसेवी लुत्फुल हक बिना वक्त गंवाए सीधे तिलभीठा स्टेशन पहुंचे। उन्होंने बाजार से पानी बोतल लाकर यात्रियों को मुहैया कराया। उन्होंने स्थानीय लोगों के सहयोग से यात्रियों को पानी बोतल पहुंचाया। ट्रेन के हर डिब्बे में जाकर यात्रियों को पानी बोतल मुहैया कराया। इसमें स्थानीय कलाम शेख, याकूल शेख सहित अन्य युवाओं ने लुत्फुल हक के इस नेक काम में हाथ बंटाने में सहयोग किया। इधर तेज धूप और भीषण गर्मी में तप रहे ट्रेन में बैठे यात्रियों ने पानी मिलने से राहत की सांस ली। यात्रियों ने समाजसेवी लुत्फुल हक का आभार जताया। उल्लेखनीय है कि लुत्फुल हक समाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। गरीब जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए देश-विदेशों में सम्मानित भी हुए हैं। कोलकाता, दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों के साथ-साथ लंदन और सिंगापुर में भी नामचीन हस्तियों के हाथों अवार्ड से नवाजे गए हैं।
पाकुड़ के मशहूर समाजसेवी लुत्फुल हक को वर्ष का सबसे प्रेरणादायक सामाजिक कार्यकर्त्ता का अवार्ड शहर के मशहूर समाजसेवी लुत्फुल हक को वर्ष का सबसे प्रेरणादायक सामाजिक कार्यकर्ता (मोस्ट इंस्पायरिंग सोशल वर्कर ऑफ द ईयर) इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवार्ड से नवाजा गया है। रविवार की देर शाम मुंबई के पांच सितारा होटल में आयोजित इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवार्ड कार्यकर्म में बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा कियारा आडवाणी ने अपने हाथों से लुत्फुल हक को अवार्ड और सर्टिफिकेट देकर नावाजा है।कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वालों को अवार्ड से नावाजा गया।बताना लाजमी होगा कि लुत्फुल हक पाकुड़, साहेबगंज जिले के अलावा बंगाल के फरक्का, धुलियान आदि क्षेत्र में भी समाजसेवा का काम कर रहे है। पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन ढाई सौ से तीन सौ गरीब लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराते है। वर्तमान में फर्श से अर्श तक पहुंचने में राह में कई परेशानियों को झेला है। श्री हक अवार्ड प्राप्त करने के बाद कहते है कि फर्श से अर्श तक जाने का मकसद केवल ऊंचाइयों को छूना ही नहीं, बल्कि हरेक परेशानियों को निगलते हुए उस अर्श को छू लेने से है, जो कि फर्श से कोसों दूर है। मुश्किलें परेशानियां दुःख और तकलीफ तो हर मंज़िल की खूबसूरती हैं, बस उसी कांटों भरी खूबसूरत सी मंजिल को सबसे छिनकर अपना बनाना और हथियाना है और उस अर्श की चोटी पर चढ़कर ही दम लेना है।क्योंकि, किसी भी हालात में जाना है, बस फर्श से अर्श तकइधर अवार्ड लेने के बाद उनके चाहने वाले बधाईयां भी दे रहे है।
मुंबई के पांच सितारा होटल में पाकुड़ के समाजसेवी लुत्फ़ल हक ने व्यवसायियों को सम्मानित किया
दिव्यांग व्यवसाई को लुत्फ़ल हक ने आत्मनिर्भर के लिए किया सम्मानित
मुंबई के पांच सितारा होटल में एशिया की अग्रणी परामर्श कंपनियों में से एक डब्ल्यूबीआर के बैनर तले इंडिया हॉस्पिटैलिटी एंड बिजनेस कॉन्क्लेव 2024 का शानदार आयोजन किया गया.कॉन्क्लेव का आयोजन भारत में व्यवसाय के गतिशील प्रतिच्छेदन का पता लगाने के लिए किया गया था। वक्ताओं ने नवीनतम रुझानों, नवाचारों और अवसरों पर चर्चा की जो इन उद्योगों को परिभाषित करते हैं,सतत विकास और उत्कृष्टता की दिशा में एक मार्ग तैयार करते हैं। कॉन्क्लेव में भारत के हॉस्पिटैलिटी चैंपियंस और भारत के शीर्ष ब्रांड- एमएसएमई चैप्टर अवार्ड्स भी देखे गए.नवाचार,लचीलेपन और समर्पण से चिह्नित दुनिया में पुरस्कार एक प्रकाश स्तंभ के रूप में कार्य करते हैं,जो उन संगठनों और व्यक्तियों को पहचानते और सम्मानित करते हैं. जिन्होंने व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं में उत्कृष्टता के लिए असाधारण प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है।हमें प्राप्त नामांकन विविध उद्योगों में उद्यमों और पेशेवरों द्वारा किए गए उत्कृष्ट योगदान का प्रमाण थे। इस समारोह में बतौर चीफ गेस्ट वॉलीवुड की मशहूर अदाकारा अमृता रायचंद, सतीश सोनी सीओओ प्रोजेक्ट्स, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन,डॉक्टर संगमराम सिंह माली (वैश्विक शांति के लिए समर्पित वकील),लुत्फ़ल हक प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता झारखण्ड ,नीलेश लिमये (प्रसिद्ध सेलिब्रिटी और पाक विशेषज्ञ), राखी वासवानी (प्रसिद्ध शेफ, लेखक और पाक शिक्षिका) जैसी प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हुईं। इस सम्मेलन में अमृता रायचंद,नीलेश लिमये और राखी वासवानी द्वारा आतिथ्य उद्योग में स्थिरता पर विचारोत्तेजक भाषण और चर्चाएँ की गईं। समाजसेवी लुत्फ़ल हक और मशहूर अदाकारा अमृता रायचंद ने दोनों पैर से दिव्यांग व्यवसाई को मोमेंटो देकर सम्मानित किया.वहीं प्रबोध हल्दे,चैंबर फॉर एडवांसमेंट ऑफ स्मॉल एंड मीडियम बिजनेस के अध्यक्ष भी इस सम्मेलन में मौजूद थे,जिन्होंने भारत में खाद्य उद्योग पर अपने विचार साझा किए। सम्मेलन का समापन आतिथ्य, यात्रा और व्यापार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पुरस्कारों के साथ हुआ। मुख्य पुरस्कार विजेता शुभी सिंह – वर्ष की प्रख्यात पाककला कलाकार और डिजाइनर शेफ़ द ग्रैंड लिगेसी रिज़ॉर्ट एंड स्पा,वर्ष का सर्वश्रेष्ठ हिलटॉप रिज़ॉर्ट एंड स्पा (महाबलेश्वर),द फोर एलिमेंट्स रेस्तरां – महाबलेश्वर में सर्वश्रेष्ठ शाकाहारी रेस्तरां एरोकॉन,वर्ष 2024 की शीर्ष स्कूल परामर्श फर्म,हार्डरॉक होटल गोवा (पास्का होटल्स प्राइवेट लिमिटेड की इकाई) वर्ष का सबसे पसंदीदा होटल (गोवा) सुभब्रत रे-वर्ष के सर्वाधिक प्रशंसित महाप्रबंधक,अपरंपरागत क्षेत्रों में महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जयोति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय-सामाजिक प्रभाव पुरस्कार से नावाजा गया.श्रीराम कैटरिंग सेवाएँ – अमरावती में सर्वश्रेष्ठ आउटडोर कैटरिंग सेवाएँ,बधानी कंट्रीसाइड रिज़ॉर्ट पंजाब में सर्वश्रेष्ठ उभरता हुआ बुटीक रिज़ॉर्ट और वेडिंग डेस्टिनेशन एजुकेशनल सर्विसेज प्राइवेट।लिमिटेड कौशल विकास शिक्षा में अग्रणी EYWA मीडिया – सबसे आशाजनक एंड-टू-एंड डेटा-संचालित ग्राहक अनुभव मंच,वर्ष डॉक्टर जोसन रंजिथ सी.जे.-वर्ष के उभरते युवा लेखक (दक्षिण भारत),शैंकस वॉटरपार्क और रिज़ॉर्ट-वर्ष का सबसे आशाजनक वॉटर पार्क और रिज़ॉर्ट (गुजरात) अकुम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड-इनोवेटिव फॉर्मूलेशन के लिए पुरस्कार – न्यूट्रास्युटिकल और वेलनेस
डब्ल्यूबीआर क्या है…
डब्ल्यूबीआर कॉर्प एशिया और यूरोप की एक अग्रणी परामर्श एवं अनुसंधान फर्म है। डब्लूबीआर कॉर्प की मुख्य ताकतें,इसकी सेवा और प्रतिष्ठा हैं। डब्ल्यूबीआर कॉर्प के विशिष्ट पोर्टफोलियो में ऐतिहासिक घटनाएं शामिल हैं.लंदन, यूके में एशियाई यूके बिजनेस मीट और पुरस्कार के रूप में: भारत सम्मेलन के लिए विचार,लंदन,यूके,शिक्षा नवाचार सम्मेलन ऑक्सफोर्ड,यूके लंदन में वैश्विक व्यापार उत्कृष्टता शिखर सम्मेलन,यूके: दुबई में भारत-यूएई वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन,संयुक्त अरब अमीरात: भारत- आसियान वैश्विक निवेशबैंकॉक थाईलैंड में अनेक सेमिनारों और सम्मेलनों के साथ मिलेंदिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में शिक्षा, रियल एस्टेट और प्रौद्योगिक.
प्राइड ऑफ नेशन अवार्ड से नवाजे गए समाजसेवी लुत्फुल हक
कर्नाटक के पूर्व सीएम जगदीश शेट्टर, पद्मश्री डॉ. सीएन मंजुनाथ व अभिनेता गुलशन ग्रोवर ने किया सम्मानित
पाकुड़ के जाने-माने और मशहूर समाजसेवी लुत्फुल हक को प्राइड ऑफ नेशन अवार्ड 2024 से नवाजा गया है। बेंगलुरु के पांच सितारा होटल में एशिया टुडे के द्वारा आयोजित प्राइड ऑफ नेशन अवार्ड 2024 का रंगा रंग कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उक्त कार्यक्रम में देश के जाने माने चिकित्सक, व्यवसाई, समाजसेवी, कलाकार, शिक्षाविद सहित जानी-मानी हस्तियां मौजूद थे। कार्यक्रम में बतौर चीफ गेस्ट कर्नाटक के पूर्व चीफ मिनिस्टर जगदीश शेट्टर, सांसद पद्मश्री डॉ. सीएन मंजुनाथ, बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता गुलशन ग्रोवर मौजूद थे। अतिथियों ने समाजसेवी लुत्फुल हक को समाजसेवा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने को लेकर अवार्ड से नवाजा। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि एशिया टुडे के द्वारा प्रत्येक वर्ष अलग अलग देशों में अपने अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वालों को खोज कर निकालना और एक मंच पर लाकर खड़ा करना काफी कठिन काम है। एशिया टुडे ने इस तरह के कार्यक्रम कर बहुत ही अच्छा काम किया है। कहा काफी वर्षों से देख रहा हूं कि एशिया टुडे ने देश के साथ-साथ विदेश में भी सामाजिक कार्यों के अलावा अलग अलग क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने का काम कर रहा है। श्री शेट्टर ने कहा कि लुत्फुल हक झारखंड राज्य में जो समाजसेवा का काम कर रहे है, वह बहुत ही सरहनीय है। वहीं कार्यक्रम में मौजूद देश के जाने माने हृदय रोग विशेषज्ञ सह पदंश्री डॉ. सीएन मंजुनाथ ने कहा कि लुत्फुल हक समाजसेवा के क्षेत्र में काफी अच्छा काम कर रहे है। आपके द्वारा यह काम रुकना नहीं चाहिए। जो इंसान निःस्वार्थ से काम करते है, उनकी जिंदगी में कमी कभी नहीं होगी। वहीं सिनेमा जगत के मशहूर अभिनेता गुलशन ग्रोवर ने भी लुत्फुल हक के कार्यों की सराहना की है। इधर लुत्फुल हक अवार्ड पाकर काफी खुश हुए। उन्होंने कहा कि यह अवार्ड गरीबों के नाम करता हूं। हालांकि अवार्ड पाकर खुशी तो मिलती है, लेकिन खुशी तब अधिक और हो जाती है, जब भूखे पेट गरीब और जरूरतमंद को भोजन कराते है। उन्होंने कहा कि पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर निरंतर चलने वाले भोजन कार्यक्रम जब तक ईश्वर ने जिंदगी दी है, तबतक चलता रहेगा। इसके लिए जो भी बाधाएं आएगी सब मिलकर दूर करेंगे।
जिदातो गर्ल्स मिडिल व बंगला मिडिल स्कूल के कायाकल्प का समाजसेवी लुत्फल हक ने उठाया बीड़ा

तत्काल चेक के माध्यम से स्कूल प्रबंधन को दी सहयोग राशि
शिक्षा ही समाज की प्रगति की कुंजी है, सभी को शिक्षा पाने का अधिकार है। चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, गरीब हो या अमीर…सभी को शिक्षा जरुरी है। इसके लिए शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने और संस्थान को खुबसूरती देने की भी जरूरत है। जिससे कि बच्चों को आकर्षित कर सके। इसी सोच के साथ चर्चित समाजसेवी लुत्फल हक ने शहर के जाने-माने और पुराने स्कूलों में शामिल जिदातो गर्ल्स मिडिल स्कूल और जिदातो बंगला मिडिल स्कूल के कायाकल्प का बीड़ा उठाया है। शहर के सबसे पुराने स्कूलों में से जिदातो गर्ल्स मिडिल स्कूल और जिदातो बंगला गर्ल्स मिडिल स्कूल के जर्जर भवन को बेहतर और खूबसूरत बनाने की बीड़ा पाकुड़ के विख्यात समाजसेवी लुत्फ़ल हक ने उठाया है। इसको लेकर लुत्फल हक ने अपने स्तर से स्कूल प्रबंधन से मिलकर कार्य प्रारंभ करने की बात कही है। जिदातो गर्ल्स मिडिल स्कूल की सेक्रेटरी शुक्ला दत्ता और प्राध्यापिका नीतू हाजरा ने लुत्फल हक से मिलकर जिदातो गर्ल्स मिडिल स्कूल की स्थिति से अवगत कराया था। बताया कि स्कूल के कई कमरों में बिजली वायरिंग नहीं की गई है। यहां तक कि कई कमरों में पंखा भी नहीं लगाया गया है। जिस कारण बच्चों को गर्मी में बड़ी मुश्किल से पढ़ाई करना पड़ता है। वहीं स्कूल के कमरों का प्लास्टर और छत डेमेज हो गए है। रंग रोगन का कार्य वर्षों से नहीं हो पाया है। इसके अलावा बंगला गर्ल्स मिडिल स्कूल की प्राचार्य शुभ्रा दत्ता ने भी स्कूल के जर्जर भवन के बारे में बताया। यह भी बताया कि कमरे नहीं रहने के कारण पेड़ के नीचे पढ़ाई करने के लिए बच्चे मजबूर है। ज़ब बारिश होती है तो कमरे में जगह की कमी के कारण छात्रों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसपर लुत्फल हक ने शनिवार को जिदातो बंगला गर्ल्स मिडिल स्कूल और जिदातो गर्ल्स मिडिल स्कूल का जायजा लिया। दोनों स्कूल के बच्चों से मुलाकात की और एक एक कमरे को देखा। दोनों स्कूल में साढ़े बारह सौ बच्चे पढ़ाई करते है। इसपर लुत्फल हक ने तत्काल चेक के माध्यम से सहयोग राशि स्कूल की सेक्रेटरी शुक्ला दत्ता और प्राचार्य नीतू हाजरा को सौंपा। उन्होंने कहा कि दोनों स्कूल के जर्जर कमरों को ठीक कराया जायेगा। इसके अलावा नए कमरों का निर्माण भी कराया जायेगा। इधर समजसेवी लुत्फल हक ने पत्रकारों से कहा कि मेरे द्वारा जल्द ही पाकुड़ शहर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर कोचिंग संस्थान खोली जाएगी। उक्त कोचिंग सेंटर में क्लास वन से एमए तक के छात्रों को निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी निःशुल्क कराई जाएगी। ताकि गरीब और माध्यम वर्गीय परिवार के बच्चें भी डॉक्टर, इंजीनियर, सेना, एयर होस्टेस, आईएएस, आईपीएस की तैयारी कर देश सेवा में जा सके। उन्होंने कहा कि मेरा जन्म बहुत ही गरीब घर में हुआ। मैं बचपन में पढ़ाई नहीं कर पाया। मैं काफी मुश्किल भरी जिंदगी से जूझते हुए यहां तक पहुंचा हूं। इसलिए मेरा उद्देश्य है कि मेरी तरह कोई भी गरीब परिवार का बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे। सभी बच्चें पढ़ लिखकर एक अच्छा इंसान बने। इधर दोनों मिडिल स्कूल की प्राचार्य और सेक्रेटरी ने लुत्फल हक का आभार जताया है।
समाजसेवी लुत्फ़ल हक को वर्ष का सबसे प्रेरणादायक अवार्ड से नावाजा गया
यु ए ई और भारत के मिनिस्टर ने अपने हाथों से किया सम्मान
बॉलीवुड के मशहूर सिंगर कुमार सानू ने लुत्फ़ल हक के नाम के कसीदे पढ़े
पाकुड़ के मशहूर समाज सेवी लुत्फ़ल हक को दुबई के पांच सितारा होटल में वर्ष का सबसे प्रेरणादायक सामाजिक कार्यकर्ता का अवार्ड से नावाजा गया है.श्री हक को बतौर चीफ गेस्ट यूनाइटेड अरब एमीरेट्स के पूर्व मंत्री डॉक्टर मोहम्मद सईद अल किंदी,भारत के पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु,बिहार के केबिनेट मंत्री अशोक चौधरी,दुबई के अध्यक्ष एवं सी ई ओ चेम्बर मोहम्मद अली रशीद लूटाह एवं बॉलीवुड के मशहूर सिंगर कुमार सानू ने अपने हाथों से सम्मानित किया है.अतिथियों ने मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर उज्जवल भविष्य की कामना की.अतिथियों ने अपने सम्बोधन में कहा की भारत के सबसे एक छोर में बसा झारखंड के पाकुड़ शहर के लुत्फ़ल हक ने जिस तरह गरीबों,जरूरतमंदो एवं जाति मजहब से उठकर जो काम कर रहें है वह वाकई काबिल ए तारीफ है.बिना कोई भेदभाव और निःस्वार्थ से काम करना अपने आप में मिशाल क़ायम करने का काम कर रहे है. उल्लेखनीय है की दुबई के पांच सितारा होटल में इंडो अरब लीडर्स समिट एंड अवार्ड 2024 का कार्यक्रम आयोजित किया गया था.जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों के पचास लोगों को सम्मानित किया गया. जिसमे भारत के मशहूर मशहूर डॉक्टर,व्यवसाई,शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता,साइंटिस्ट, इंजीनियर आदि को सम्मानित किया गया.इधर अवार्ड मिलने के बाद समाजसेवी लुत्फ़ल हक़ ने मीडिया को बताया की प्रतिदिन दर्जनों फरियादी आते है उन्हें कभी भी खाली हाथ नहीं लौटाता हूँ.कभी कभी मेरे पॉकेट में रूपये नहीं होने के बाद भी दूसरे से मदद लेकर गरीबों को बाँट देता हूँ.क्यूंकि गरीबों को मदद करने से कुछ भी कमी नहीं आएगी. उन्होंने कहा इसी का प्रतिफल है की आज मुझे देश के साथ साथ विदेश में भी सम्मान मिल रहा है.

कौन है लुत्फ़ल हक़…..लुत्फ़ल हक़ पश्चिम बंगाल और झारखंड के सीमा पर बसा ओदित्य नगर के एक गरीब परिवार में जन्म लिया.गरीबी इतनी की अगर दोपहर का भोजन किया तो शाम में चूल्हा जलाने के लिए सोंचना पड़ता था की रात में क्या खाना खाऊंगा. जिसे लेकर लुत्फ़ल ने बंगाल छोड़कर झारखंड के पाकुड़ पहुँच गए. इसके बाद परिवार चलाने के लिए एक छोटी सी किताब की दुकान कर लिए. जबकि लुत्फ़ल हक पढ़े लिखें नहीं होने के बाद भी किताब बिक्री कर रहे थे.जब उससे भी परिवार को चलाने में दिक्क़त हो रही थी पत्थर खदान और क्रेशर में मजदूरी करने लगे और धीरे धीरे अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर पाकुड़ सबसे बड़े पत्थर व्यवसाई के रूप में जाने जाते है. सबसे अधिक झारखंड सरकार को टैक्स भी देते है. पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार रेलवे स्टेशन पर गरीब और जरूरतमंदो को निःशुल्क भोजन कराते है. कोरोना काल में सबसे अधिक राशन बाँटने, ऑक्सीजन सिलिंडर देने,गरीबों और जरूरतमंदो को ठण्ड के मौसम में कंबल बाँटने का,पर्व त्यौहार में हमेशा बढ़चढ कर सहयोग करते है.

यूथ चैरिटी के जागरूकता कार्यक्रम में पहुंचे समाजसेवी लुत्फल हक, निःशुल्क एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने का दिया भरोसा
सदर प्रखंड के मनीरामपुर उत्तर टोला में सोमवार को यूथ चैरिटी संस्था की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पाकुड़ के मशहूर समाजसेवी लुत्फल हक शामिल हुए। लोगों में समाज सेवा के कार्यों के प्रति जागरूक करना और गरीबों तथा असहाय जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रेरित करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रहा। बता दें कि यूथ चैरिटी संस्था पिछले करीब दो महीने से सक्रिय हैं और गरीबों जरूरतमंदों को आर्थिक रूप से मदद पहुंचाने का काम रही है। मरीजों को रक्तदान कर इलाज में भी मदद पहुंचा रही है। यूथ चैरिटी ने लोगों को सेवा देकर कम समय में ही अपनी पहचान बनाने में कामयाबी हासिल की है। आयोजित कार्यक्रम में यूथ चैरिटी के संस्थापक अकीमुद्दीन शेख ने मुख्य अतिथि समाजसेवी लुत्फल हक का पुष्पगुच्छ प्रदान कर स्वागत किया। वहीं लुत्फुल हक को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित मनीरामपुर पंचायत के मुखिया मजिबूर रहमान, मो. रिजाउल शेख, साफिकुल शेख, जौहर शेख सहित यूथ चैरिटी के सदस्यों ने भी समाजसेवी लुत्फल हक को फुल माला पहनाकर स्वागत किया। वहीं मंच का संचालन यूथ चैरिटी के वाकर आजम ने किया। आयोजित कार्यक्रम में लुत्फल हक के समाजसेवा के कार्यों की सराहना की गई। उनके द्वारा गरीब जरूरतमंदों को किए जा रहे मदद का जिक्र करते हुए प्रशंसा की गई। उत्कृष्ट समाजसेवा के लिए देश विदेशों में लुत्फल हक को मिलें सम्मान का भी जिक्र किया। आयोजित कार्यक्रम में यूथ चैरिटी के उद्देश्यों को रखा गया। मंच संचालन कर रहे वाकर आजम ने बताया कि जरूरतमंदों को मदद करने के उद्देश्य से ही यूथ चैरिटी का गठन किया गया है। पिछले करीब दो महीने से समाजसेवा में उतरी यह संस्था गरीब जरूरतमंदों को आर्थिक रूप से मदद कर रही है। यूथ चैरिटी मरीजों को रक्तदान के रूप में भी मदद करती है। इन्हीं उद्देश्यों को साथ लेकर चलने की मंशा से बनी यूथ चैरिटी से युवाओं का जुड़ना लगातार जारी है। अगर इसी तरह युवाओं का जुड़ना जारी रहा तो यह संस्था अधिक से अधिक लोगों को मदद पहुंचा सकती है। यूथ चैरिटी के संस्थापक अकीमुद्दीन शेख ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि इस नेक काम में हमारा साथ दें। आपका साथ हमें ज्यादा ताकत देगी और हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को मदद कर सकेंगे। अकीमुद्दीन शेख ने कहा कि हमारा मकसद सिर्फ और सिर्फ गरीबों को मदद करना है। मरीजों को रक्तदान के जरिए उनका सेवा करना है। आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि लुत्फल हक ने कहा कि आपको हमसे जो भी उम्मीदें हैं, हम उसे पूरा करने का भरपूर प्रयास करेंगे। लुत्फल हक ने मंच से मरीजों की सुविधा के लिए निःशुल्क एंबुलेंस सेवा मुहैया कराने का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द आप सबों के बीच एंबुलेंस उपलब्ध होगा। पाकुड़ प्रखंड के सभी पंचायतों और गांवों में यह एंबुलेंस सेवा मुहैया कराया जाएगा। किसी एक जगह पर मिडल प्वाइंट में एंबुलेंस दिया जाएगा। एंबुलेंस सेवा के लिए मोबाइल नंबर जारी किया जाएगा। पाकुड़ प्रखंड के किसी भी पंचायत या गांव से जरूरत पड़ने पर मोबाइल नंबर पर संपर्क करेंगे। लुत्फल हक के इस घोषणा से ग्रामीणों ने खुशी जताई। मौके पर सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
अगले एपिसोड मे दिसम्बर तक की सारी लेखा जोखा
Author: Jharkhand Nama
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