
JHN DESK पाकुड़:(PAKUR) पाकुड़ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शेषनाथ सिंह के निर्देश पर व्यवहार न्यायालय, पाकुड़ के सभागार में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) श्री संजीत कुमार चंद्रा की अध्यक्षता में जिला पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का उद्देश्य न्यायिक निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित कर आम जनों को न्याय प्रक्रिया में होने वाली असुविधाओं को न्यूनतम करना था।
बैठक में माननीय सुप्रीम कोर्ट के अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य (2014) तथा सतेंद्र कुमार अंटील बनाम सीबीआई (2022) जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर आधारित निर्णयों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त सीआरपीसी की धारा 41A (अब 35(3) बीएनएसएस के अंतर्गत) के अनुपालन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
सीजेएम श्री चंद्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस को अब प्रत्येक गिरफ्तारी की वैधता सुनिश्चित करनी होगी। हर गिरफ्तारी के पीछे स्पष्ट कारण होने चाहिए और जहाँ गिरफ्तारी आवश्यक नहीं है, वहां कानून के मुताबिक 41A का नोटिस तामिल कराया जाना चाहिए। बेल योग्य मामलों में अनावश्यक गिरफ्तारी पर भी रोक लगाने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि इस तरह की बैठकें न्यायिक और पुलिस व्यवस्था के बीच समन्वय को मजबूत करती हैं और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक हैं। यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि पुलिस कार्यवाही न्यायिक आदेशों व संवैधानिक सीमाओं के अंतर्गत हो, जिससे किसी भी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का हनन न हो।
बैठक में अपर न्यायिक दंडाधिकारी श्री विशाल मांझी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी श्री सदिश उज्जवल बेक, डीएलएसए सचिव श्रीमती रूपा बंदना किरो, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी श्री विजय कुमार दास, पाकुड़ एसडीपीओ, महेशपुर एसडीपीओ, मुख्यालय डीएसपी सहित जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
यह बैठक पुलिस अधिकारियों को न्यायिक निर्णयों के प्रति जागरूक करने और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखी जा रही है।
Author: Jharkhand Nama
News portal





