
JHN DESK साहिबगंज:अमर शहीद सिदो-कान्हू की जन्मस्थली भोगनाडीह में आज हूल दिवस पर पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धांजलि कार्यक्रम शुरू हुआ, लेकिन यह पावन अवसर देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गया।
शहीद सिदो-कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू द्वारा ताला लगाए गए सिदो-कान्हू पार्क का जब पुलिस ने ताला तोड़ा, तो स्थानीय आदिवासी ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और भीड़ ने पुलिस बल पर तीर और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में बरहरवा एसडीपीओ सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और कई राउंड फायरिंग भी करनी पड़ी। घटना के बाद भोगनाडीह में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
सूचना मिलते ही डीआईजी संथाल परगना, साहिबगंज डीसी हेमंत सती और एसपी अमित कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। पार्क का ताला खोल दिया गया है और लोग सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
हूल दिवस कार्यक्रम को लेकर पहले से तनाव
हूल दिवस आयोजन को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच पिछले कई दिनों से टकराव बना हुआ था। मंडल मुर्मू ने 30 जून को स्थानीय स्टेडियम में हूल दिवस कार्यक्रम आयोजित करने की लिखित सूचना प्रशासन को दी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली।
बाद में ग्रामीणों के दबाव पर प्रशासन ने मौखिक अनुमति दी, लेकिन देर रात मंच को कथित रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। मंडल मुर्मू का आरोप है कि प्रशासन उनके कार्यक्रम में बाधा डाल रहा है, जबकि उन्होंने अनुमति की मांग पहले ही कर दी थी।
गांव के माझी और ग्रामीण पूरी तरह से मंडल मुर्मू के समर्थन में हैं, और स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।
Author: Jharkhand Nama
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