मक्खन लगा सिस्टम, और चूहे खा गए घी – पूछो मत, ये साहिबगंज का कोटालपोखर है जी! ऊपर से हरि भजन, अंदर से चोरी का आयोजन।

JHN DESK साहिबगंज (SAHIBGANJ) आप कुछ भी कर लीजिए… हम नहीं सुधरेंगे! — ये कोई फिल्मी डायलॉग नहीं, बल्कि साहिबगंज जिले के कोटलपोखर थाना क्षेत्र में माफिया राज का असली ऐलान है।

कहते हैं जहां राजा ही बेखबर हो जाए, वहां प्रजा लुट जाती है… और कोटलपोखर में यही हो रहा है यहां के जीवनपुर और रहीमटांड़ चेकपोस्ट अब कानून की चौकी नहीं, माफिया की चौपड़ बन चुके हैं।

ना बंदर पूछेगा ना ठग बतायेगा, कोटलपोखर में सब खा-पी के मौज उड़ायेगा!

यहां का नियम सीधा है दिन में ताले लटकेंगे, और रात में दलाल हाजिरी लगाएंगे। हर रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक, गिट्टी लदे 200 से अधिक ट्रक बिना वैध चालान के पश्चिम बंगाल की ओर दौड़ते हैं, जैसे जंगल में शेर घूमते हैं बेखौफ!

न आदेश का असर, न सिस्टम में डर- साहिबगंज का कोटलपोखर बना माफिया का बिस्तर!

जिला उपायुक्त द्वारा जारी आदेश यहां रद्दी की टोकरी में पड़े हैं। और प्रशासन? वो तो ऊँट के मुंह में जीरा डालने जैसा निरीक्षण करके ढोल पीट देता है, जबकि माफिया ढोल की पोल खोल चुके हैं।

माफिया के आगे कानून भी नतमस्तक, और सिस्टम बना मोहरबंद तमाशबीन!

यहां ना पूछने वाला है,ना रोकने वाला। प्रशासन की चुप्पी कहती है ‘हम न देखेंगे, न बोलेंगे, बस कुर्सी पकड़ कर बैठेंगे’। अब जनता पूछ रही है आख़िर किसके संरक्षण में रात के अंधेरे में नियमों की कब्र खोदी जा रही है ?

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Author: Jharkhand Nama

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