संपूर्णता अभियान 2.0 के सफल क्रियान्वयन को लेकर मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण आयोजित

संपूर्णता अभियान 2.0 के सफल क्रियान्वयन को लेकर मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण आयोजित

विकास सूचकांकों की शत-प्रतिशत संतृप्ति से होगा सामाजिक परिवर्तन: उपायुक्त

झारखंड नामा अमित कुमार दास (पाकुड़ ) आकांक्षी जिला कार्यक्रम एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर में जिला एवं प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि संपूर्णता अभियान केवल सूचकांकों की पूर्ति का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित सभी विकास सूचकांक आम जनजीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं तथा इन सूचकांकों की शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अभियान निर्धारित अवधि तक संचालित किया जाएगा तथा इसका उद्देश्य चयनित विकास सूचकांकों में पूर्ण उपलब्धि प्राप्त करना है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि केवल एमआईएस में आंकड़ा दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ लाभुकों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शौचालय निर्माण का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य पूर्ण करना नहीं, बल्कि लोगों में उसके नियमित उपयोग की आदत विकसित करना भी है। व्यवहार परिवर्तन इस अभियान की सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों से समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, जनजागरूकता गतिविधियों को व्यापक रूप से संचालित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्राप्त जानकारी को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विकास सूचकांकों के पीछे केवल आंकड़े नहीं, बल्कि आम लोगों का जीवन जुड़ा होता है। विशेष रूप से बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े सूचकांकों पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।

 

प्रखंड विकास पदाधिकारी, लिट्टीपाड़ा  संजय कुमार ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, सामाजिक विकास एवं आधारभूत संरचना से संबंधित लगभग 40 विकास सूचकांकों पर विभागीय समन्वय के साथ लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों में विभिन्न विभागों के साथ कन्वर्जेन्स के माध्यम से सूचकांकों की प्राप्ति हेतु प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग एवं सतत प्रयास किए गए हैं, जिससे उल्लेखनीय प्रगति हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व अभियान के दौरान कई सूचकांकों में शत- प्रतिशत संतृप्ति प्राप्त की गई है तथा नए सूचकांकों के आधार पर आगामी चरण में भी लक्ष्य प्राप्ति के लिए कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी सूचकांकों की रैंकिंग संबंधित विभागों के एमआईएस पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर निर्धारित होती है, इसलिए सभी विभागों को अपने पोर्टल पर शुद्ध एवं अद्यतन आंकड़ों की प्रविष्टि सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि तीन माह तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है तथा बच्चों एवं लाभुकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वाटर फिल्टर की व्यवस्था की जा रही है

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विविध रंगों वाले खाद्य पदार्थों का सेवन शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई एवं डायरिया प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ करने के लिए शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है तथा बच्चों के नियमित वजन मापन एवं पोषण ट्रैकिंग को मजबूत बनाने के लिए सेविकाओं को पुनः प्रशिक्षण दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि पोषण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों, कर्मियों एवं समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

मौके पर जिला योजना पदाधिकारी, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी एमओआईसी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे

Jharkhand Nama
Author: Jharkhand Nama

News portal

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज