ईलामी पंचायत में टूटते परिवार को मिली नई शुरुआत,समाजसेवी अजहर इस्लाम की पहल रंग लाई

झारखंड नामा पाकुड़,: ईलामी पंचायत के एक दंपति का लंबे समय से चल रहा पारिवारिक विवाद आखिरकार सुलह पर पहुंच गया। रिश्ता तलाक के कगार पर था और इसका सीधा असर उनके तीन मासूम बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा था। ऐसे नाजुक मोड़ पर पूर्व एनडीए प्रत्याशी सह समाजसेवी अजहर इस्लाम ने मध्यस्थता की मामला और सुलह की प्रक्रिया

दोनों पक्ष अपनी समस्या लेकर अजहर इस्लाम के पास पहुंचे। अजहर इस्लाम ने लगभग 40 मिनट तक पति-पत्नी दोनों को धैर्यपूर्वक सुना। उन्होंने परिवार के महत्व और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य पर जोर देते हुए दोनों को समझाया। काफी समझाने-बुझाने के बाद दंपति ने पुराने मतभेद भुलाकर साथ रहने का फैसला किया दोनों ने वादा किया कि अब से झगड़ा-झमेला नहीं करेंगे और बच्चों की खुशियों को प्राथमिकता देंगे। इसके बाद अजहर इस्लाम ने दोनों को गले मिलवाया और एक-दूसरे के सम्मान के साथ नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया।

नई शुरुआत के लिए आर्थिक सहयोग खुशी के इस मौके पर अजहर इस्लाम ने अपनी ओर से पति को ₹1000 की आर्थिक सहायता दी। उन्होंने कहा, “घर जाने से पहले पत्नी और बच्चों को किसी अच्छे रेस्टोरेंट में ले जाकर साथ बैठकर खाना खिलाइए। नई शुरुआत की पहली याद प्यार और अपनेपन से भरी होनी चाहिए, ताकि बच्चों के मन में अच्छा संदेश जाए और परिवार में प्रेम-विश्वास मजबूत हो।”
समाजसेवी का संदेश
अजहर इस्लाम ने कहा, “मेरा हमेशा से यही प्रयास रहा है कि समाज में प्रेम, भाईचारा और पारिवारिक एकता बनी रहे। जब कोई टूटा हुआ रिश्ता फिर से जुड़ता है और किसी परिवार के चेहरे पर मुस्कान लौटती है, तो उससे बड़ी खुशी मेरे लिए कोई नहीं होती।”
उन्होंने अल्लाह से दुआ की कि यह परिवार हमेशा खुशहाल रहे और तीनों बच्चे अच्छे माहौल में अपना उज्ज्वल भविष्य बनाएं।
पृष्ठभूमि
यह घटना बताती है कि समय पर सही मध्यस्थता और संवाद से बिखरते परिवार बचाए जा सकते हैं। पारिवारिक विवाद में सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है, इसलिए सामुदायिक स्तर पर ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं।
Author: Jharkhand Nama
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