नशे के अंधकार से नई जिंदगी की रोशनी तक: लखनपुर के बेटे की वापसी 

नशे के अंधकार से नई जिंदगी की रोशनी तक: लखनपुर के बेटे की वापसी 

झारखंड नामा ब्यूरो पाकुड़: यह सिर्फ एक वीडियो नहीं, लखनपुर गाँव के एक परिवार के संघर्ष, उम्मीद और पुनर्जीवन की सच्ची कहानी है क्या हुआ था? गरीबी से जूझ रहे एक परिवार का बेटा ड्रग्स और हेरोइन की लत का शिकार हो गया था। नशे की हालत इतनी गंभीर थी कि वह खुद को चाकू से नुकसान पहुंचा लेता था। स्थिति बिगड़ने पर माता-पिता को मजबूरन उसे कमरे में बंद रखना पड़ा माता-पिता की गुहार 6 महीने पहले रोते-बिलखते माता-पिता ने कहा: “हम गरीब हैं, इलाज के पैसे नहीं। हमारे आसपास खुलेआम नशा बिकता है। उसी ने हमारे बेटे को बर्बाद कर दिया। कृपया उसे बचा लीजिए कैसे मिली मदद?

उनकी बेबसी देखकर पूर्व एन डीए प्रत्याशी सह समाजसेवी अजहर इस्लाम ने तुरंत कदम उठाए गए:तत्काल कार्रवाई: उसी रात पश्चिम बंगाल के नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र से संपर्क कर एंबुलेंस से भर्ती कराया गया। . संपूर्ण जिम्मेदारी: इलाज, रहने, खाने और सभी जरूरी खर्चों का प्रबंध किया गया ताकि आर्थिक तंगी आड़े न आए। . 6 महीने का सफर: लगातार इलाज, काउंसलिंग और देखभाल के बाद आज वह युवक पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट चुका है। आज की तस्वीर जिस बेटे को देखकर माता-पिता ने उम्मीद छोड़ दी थी, वही आज अपने परिवार के साथ सामान्य और खुशहाल जीवन जी रहा है। माँ-बाप के चेहरे की मुस्कान ही सबसे बड़ा सम्मान है।

 

आगे की अपील पाकुड़ पुलिस प्रशासन से आग्रह: पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे जिले में ड्रग्स और हेरोइन के कारोबारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो। इनके कारण गरीब परिवार उजड़ रहे हैं और समाज का भविष्य खतरे में है। . समाज से संकल्प: नशा सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार को बर्बाद करता है। आइए, हम सब मिलकर नशामुक्त पाकुड़, नशामुक्त समाज का संकल्प लें दुआ और शुक्र अल्लाह का लाख-लाख शुक्र है कि एक गरीब माँ-बाप का बेटा नई जिंदगी शुरू कर रहा है। दुआ है कि यह युवक हमेशा सही रास्ते पर चले, माता-पिता का सहारा बने और दोबारा कभी नशे की गिरफ्त में न आए यही मेरी समाज सेवा का असली उद्देश्य है।

Jharkhand Nama
Author: Jharkhand Nama

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