विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक मध्याह्न भोजन एवं शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें: उपायुक्त*

विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक मध्याह्न भोजन एवं शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें: उपायुक्त*

*जिला स्तरीय स्टीयरिंग सह मॉनिटरिंग समिति की समीक्षा बैठक में दिए महत्वपूर्ण निर्देश*

झारखंड नामा ब्यूरो पाकुड़ :जिले के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति तथा मध्याह्न भोजन योजना के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय स्टीयरिंग सह मॉनिटरिंग समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा विभाग एवं मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।*

बैठक के दौरान उपायुक्त ने प्रखंडवार प्रथम कक्षा के उन विद्यार्थियों की जानकारी प्राप्त की जिनका आधार कार्ड अब तक नहीं बन पाया है। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे सभी बच्चों का आधार नामांकन प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए, ताकि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, उनकी उपस्थिति का नियमित सत्यापन कर ई-विद्यावाहिनी एप पर अद्यतन किया जाए।

उपायुक्त ने रसोइयों के लंबित मानदेय भुगतान की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया। विद्यालयों में जर्जर अथवा क्षतिग्रस्त किचन शेड की पहचान कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को भी कहा, ताकि आवश्यक मरम्मत एवं निर्माण कार्य समय पर सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में खाद्यान्न उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी प्रखंडों को एक सप्ताह के भीतर चावल उठाव की प्रक्रिया पूर्ण करने तथा मई माह की प्रखंड स्तरीय स्टीयरिंग समिति की रिपोर्ट अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, बीपीओ, बीआरपी एवं सीआरपी को नियमित विद्यालय निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के लिए एक मानक प्रपत्र तैयार किया जाए, जिसके माध्यम से विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, स्वच्छता, हरित वातावरण, खेल मैदान, आईसीटी लैब के उपयोग, शिक्षण कार्य की गुणवत्ता एवं विद्यार्थियों की सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का समुचित मूल्यांकन किया जा सके।

उपायुक्त ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार हैं। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक विद्यालय में स्वच्छ एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ आवश्यक सुविधाएं भी प्राप्त हों। बैठक में मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भोजन की गुणवत्ता एवं नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को पौष्टिक एवं प्रोटीनयुक्त भोजन उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है, जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को मजबूती मिल सके। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु प्रभावी रणनीति अपनाने का निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयों में बच्चों की नियमित भागीदारी ही एक सशक्त एवं जागरूक समाज की नींव है। जिला प्रशासन शिक्षा एवं पोषण से संबंधित सभी योजनाओं के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, एडीपीओ, एपीओ, बीईईओ, बीपीओ, बीआरपी एवं सीआरपी समेत अन्य उपस्थित थे

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Author: Jharkhand Nama

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