नबी नगर बना कृष्णमय – जन्माष्टमी पर अजहर इस्लाम ने कहा, श्रीकृष्ण प्रेम, न्याय और मानवता के प्रतीक हैं

नबी नगर बना कृष्णमय – जन्माष्टमी पर अजहर इस्लाम ने कहा, श्रीकृष्ण प्रेम, न्याय और मानवता के प्रतीक हैं

जरूरतमंदों महिलाओ के बीच साड़ी वितरण, दिलीप सिंह बोले – हार के बाद भी जनता के बीच डटे हैं अजहर, मोहन मंडल बोले – कंस राज के दमन के लिए आए हैं अजहर

झारखंड नामा ब्यूरो पाकुड़ : नबी नगर पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के नबी नगर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस वर्ष ऐतिहासिक उत्साह के साथ मनाया गया। पूरा नबी नगर क्षेत्र राधे-राधे और जय श्री कन्हैया लाल की जयघोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर को फूलों और रोशनी से दुल्हन की तरह सजाया गया था। भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत कृष्ण भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे।

इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में पाकुड़ विधानसभा के पूर्व एनडीए प्रत्याशी, युवाओं के प्रेरणा स्रोत और सर्वधर्म समभाव के प्रतीक अजहर इस्लाम शामिल हुए। जैसे ही वे मंच पर पहुंचे, सैकड़ों की संख्या में उपस्थित युवाओं ने तालियों और जयकारों से उनका स्वागत किया।

 

इस अवसर पर आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य मोहन मंडल, सुबोध मंडल, दिलीप सिंह सहित समिति के सभी पदाधिकारी, वार्ड सदस्य, महिला मंडल और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

अजहर इस्लाम ने की पूजा, बांटी खुशियां

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती से हुई। अजहर इस्लाम ने स्वयं भगवान के चरणों में पुष्प अर्पित किए और क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि के लिए कामना की। पूजा के उपरांत उन्होंने अपने निजी सहयोग से लाए गए साड़ी और धोती का वितरण जरूरतमंद महिलाओं, विधवा माताओं और बुजुर्गों के बीच किया।

भगवान श्रीकृष्ण पर अजहर इस्लाम का विशेष बयान –

अपने संबोधन में अजहर इस्लाम ने कहा,

“आप सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की दिल से मुबारकबाद और शुभकामनाएं। भगवान श्रीकृष्ण किसी एक धर्म या जाति के नहीं हैं, वे सम्पूर्ण मानवता के हैं। उनका जीवन हमें तीन बड़ी सीख देता है।

पहला – प्रेम की सीख। उनका प्रेम निस्वार्थ था। गोकुल के ग्वालों से, राधा रानी से, सुदामा जैसे गरीब मित्र से, सभी से उन्होंने समान प्रेम किया।

दूसरा – न्याय की सीख। उन्होंने कभी अन्याय को सहन नहीं किया। चाहे कंस जैसा मामा हो या कौरवों जैसी सत्ता, श्रीकृष्ण हमेशा धर्म और गरीब के साथ खड़े रहे।

तीसरा – कर्म की सीख। गीता में उन्होंने कहा – कर्म करो, फल की चिंता मत करो। आज राजनीति में भी इसी कर्मयोग की जरूरत है।

यह पर्व हमें यही संदेश देता है कि बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अच्छाई की जीत निश्चित है। अंधेरा कितना भी घना हो, एक छोटा सा दीया भी उसे हरा देता है।”

उन्होंने कहा कि पाकुड़ की धरती गंगा-जमुनी तहजीब की धरती है और यहां सभी धर्मों का सम्मान ही उनकी मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है।

क्या बोले स्थानीय लोग –

दिलीप सिंह ने कहा, “मैंने इस पाकुड़ विधानसभा में बहुत से नेता देखे हैं। कई आए, वादे किए, चुनाव तक हाथ जोड़े और फिर 5 साल तक चेहरा तक नहीं दिखाया। लेकिन अजहर इस्लाम उनमें से नहीं हैं। ये चुनाव में हार के बाद भी गायब नहीं हुए। ये लगातार दो साल से हर गांव, हर टोला, हर सुख-दुख में लोगों के साथ खड़े हैं। यही कारण है कि आज युवा इनके साथ है। नेता वही जो हार में भी जनता का साथ न छोड़े।”

मोहन मंडल ने कहा, “व्यास जी ने कहा था जब-जब धरती पर पाप बढ़ेगा, तब-तब उसे मिटाने कोई आएगा। आज इस विधानसभा में भी कंस जैसे लोगों का राज है, जो गरीबों को दबाते हैं, युवाओं का हक छीनते हैं। उसी कंस-रूपी अहंकार और अन्याय का दमन करने के लिए अजहर इस्लाम हमारे बीच राजनीति में आए हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में नबी नगर सहित पूरे पाकुड़ में बदलाव होगा।”

अंत में सुबोध मंडल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि अजहर इस्लाम जैसे नेता के आने से नबी नगर के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

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Author: Jharkhand Nama

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