जिस विवाद का सहारा लेकर अंचल अधिकारी हिरनपुर ने फ़र्ज़ी मामला दर्ज़ करवाया उसी केसरे हिन्द के अन्य दाग के जमीन पर जांच प्रतिवेदन भी समर्पित किया

मौजा जबरदहा के खाता 95के दाग संख्या 522 का रकवा 40-08-11धुर तो उसी खाता के दाग 574की जमीन 6-01-0धुर की जगह 3-02-06धुर किनके आदेश पर हुई छेड़छाड़ और भू माफिया के सुपुर्द किया गया पूछता है पाकुड़
झारखंड नामा ब्यूरो पाकुड़ :मौजा सुंदरपुर नम्बर 16 के जमाबंदी 11के सीमा से लगे हुए मौजा जबरदहा के खाता 95के दाग 574 की जमीन कुल रकवा 6-01-0धुर खतियान के पर्चा मे दर्ज़ है उक्त खतियान के दाग 574 के साथ छेड़ छाड़ और कूट रचना के तहत उसका रकवा 3-2-06 धुर का मनमाना आदेश पारित कर भू माफिया परशुराम साहा के हाथो लाखो मे फ़र्ज़ी रैयत को खड़ा कर बेचा गया है जहाँ चार मंजिला विशाल भवन खड़ा किया गया जिसकी लागत करोड़ों मे हो सकती है कल तक लकड़ी की तस्करी को अंजाम देने वाले के पास इतनी अवैध सम्पति अर्जित होना भी बड़े अवैध कमाई को प्रदर्शित करता है इस खेल मे एक शातिर खिलाडी ने अपना फुटबाल मैदान मे उछाल दिया और एक नाटकीय ढंग से सीमा अतिक्रमण का शिकायत उसी अंचल आधिकारी मनोज कुमार के पास दिगम्बर साहा ने किया जिसकी जांच राजस्व कर्मचारी प्रेम प्रकाश मुर्मू और अमीन मिस्टर अंसारी ने सर जमीन पर आकर किया था जिन्हे सभी बातों से अवगत किया गया था की तत्कालीन उपायुक्त दिलीप कुमार झा के कार्यकाल मे भी दिगम्बर साहा के द्वारा सीमा अतिक्रमण को लेकर दो बार शिकायत किया गया था जिनका जांच पहले हुआ है सारा रिपोट है देख लीजिए पर बात काहे को सुने यहाँ तो बड़े बड़े माफिया और साथ साथ बेल हाकते हाकते नेता बने वसूली बाज और भस्ट्राचार की चम्मच की चासनी मे डूबे हुए रूप की रानी और चोरो के राजा का हस्ताक्षेप और साजिश की बू से स्वतंत्रता दिवस की प्रशस्ति पत्र बाटने के दौरान फ़र्ज़ी एफ आई आर दर्ज़ करवाने का एक रैकेट हावी होता है और हिरनपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी विनय कुमार के द्वारा सिविल विवाद मे क्रिमिनल केस दर्ज़ कर अपनी पीठ थप थपाना और टोपी टोपी एक साथ होने का संदेश दिया और बगैर किसी पूर्व नोटिस या पक्ष के एक साथ करीव 50की सख्या मे पुलिस और एस आई जैना बालमुचू और गौतम कुमार दास रात के 2बजे पहुंचे और कहे आपको चलना है तो कहे चलिए और इसी प्रकार जेल की सलाखों मे एक बार फिर सच को दबाने की साजिशे सफल हुई पर भगवान की न्याय निराली है मेरे तथ्यों पर न्यायालय ने विश्वास जताया और मुझे जमानत पर रिहा किया गया था यह मामला पर फ़र्ज़ी गवाह को तैयार किया जो कभी ना कभी चेकपोस्ट मे अपनी सेवा दे चुके है और कई अब तक सेवा दे रहे है सबसे बड़ी साजिश की पोल तब खुली जो वर्तमान थाना प्रभारी रंजन कुमार सिंह के द्वारा पहले पदस्थापना के दौरान मेरे खिलाफ दो सन्हा मनोज कुमार और चोरो के राजा और रूपों की रानी के दबाव और बेल हाकते करोड़ पति और अवैध खनन को अंजाम देने वाले नेता की पैरवी से यह सारा कांड का रूप रेखा तैयार किया गया अब भगवान की निराली न्याय सामने आ रहीं है इस मामले को लेकर गोपाल बिट के द्वारा एक रिट याचिका झारखंड उच्च न्यायालय मे दायर हुई जिसमे स्पष्ट निर्देश आया की पाकुड़ उपायुक्त मामले की जांच करें और अंचल अधिकारी के विरुद्ध कारवाई छह सप्ताह के अंदर सुनिश्चित करें पर अंचल अधिकारी ने उपायुक्त महोदया को अपने मीठी और झुके हुए चेहरे जैसा भाव बना कर कह दिया उनके विरुद्ध हमने केस किया है हमें परेशान करने के लिए यह झारखंड उच्च न्यायालय मे रिट किया है पर इस पर विस्वास कर वर्तमान उपायुक्त महोदय ने सही किया है या इनके बजह से अपनी जवाबदेही भी इस मामले पर लेने को तैयार है चुकि इस मामले पर अब झारखंड उच्च न्यायालय के पारित आदेश का अवहेलना का मामला बन रहा है इस मामले को तूल और सही साबित करने का श्रेय अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी का संयुक्त हस्ताक्षर वाले आदेश ज्ञापंक 888/गो पाकुड़ दिनांक 12/10/26 सभी तथ्यों सहित पर्चा को प्रमाणित करता है की दाग का रकवा यदि 522मे 40-08-11धुर है तो 574का मूल रकवा भी 6-1-0धुर होनी चाहिए बरना अवैध कब्ज़ा करने वाले परशुराम साहा के मकान को धवस्त करने का आदेश पारित करवाने की दिशा मे त्वरित कारवाई एक पक्ष के अंदर सुनिश्चित करें
Author: Jharkhand Nama
News portal




