वर्षों से जमे अधिकारी की एकपक्षीय कार्रवाई पर उठे सवाल, अवैध खनन पर क्यों है चुप्पी?
झारखंड नामा पाकुड़/हिरणपुर: पाकुड़ जिले में प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जिले में वर्षों से एक ही जगह पर जमे हुए कुछ अधिकारियों की कार्यशैली अब संदेह के घेरे में है। आरोप है कि नियम सबके लिए एक हैं, पर कार्रवाई सिर्फ चुनिंदा लोगों पर हो रही है ताजा मामला हिरणपुर अंचल के तालपहाड़ी – मानसिंहपुर क्षेत्र का है। आखिर दोहरा चरित्र क्यों एक तरफ तालपहाड़ी-मानसिंहपुर में चल रहे खुले अवैध खनन पर जिला प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार दिन-रात पत्थर का अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों का नुकसान हो रहा है, पर मजाल है कि कोई अधिकारी उधर झांकने भी जाए जहाँ लीज़ क्षेत्र से बाहर कई एकड़ मे अवैध खनन को अंजाम दिया गया पर अब तक कोई पदाधिकारी झाकने तक नहीं पंहुचा वहीं दूसरी तरफ एक ही परिवार को निशाना बनाकर लगातार एकपक्षीय कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित परिवार का कहना है कि बिना पूरी जांच और बिना पक्ष सुने ही प्रशासन हावी हो रहा है।आखिर मास्टरमाइंड कौन? सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड कौन हैकौन है वो शातिर अधिकारी जो खुद को कानून से ऊपर समझता है?कौन है जो वर्षों से पाकुड़ में जमे रहकर अपने हिसाब से जिले को चला रहा है?अवैध खनन करने वालों को संरक्षण कौन दे रहा है और एक परिवार को टारगेट करने के पीछे मंशा क्या है? सूत्रों की मानें तो जिले में कुछ अधिकारियों का एक ऐसा गठजोड़ बन गया है जो ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल से भी बेअसर है। वर्षों से पाकुड़ में जमे रहने के कारण इनकी जड़ें इतनी गहरी हो गई हैं कि ये खुद को ही सरकार समझने लगे हैं।जनता पूछ रही है सवालजब तालपहाड़ी में अवैध खनन खुलेआम हो रहा है तो हिरणपुर अंचल और जिला खनन विभाग की आंखें क्यों बंद हैं एक ही परिवार पर बार-बार कार्रवाई, क्या किसी को फायदा पहुंचाने की साजिश है?वर्षों से एक ही जिले में जमे अधिकारियों पर जिला प्रशासन मेहरबान क्यों?अब देखना होगा कि खबर के बाद जिला मुख्यालय की नींद टूटती है या फिर हमेशा की तरह फाइलों में ही इस मामले को दबा दिया जाएगा। आखिर क्या रेट है इन अवैध खनन क्षेत्र का साहेब जनता को भी बताना आवश्यक है इनके हिस्सेदार और इनके संगरक्षक कर्ता का भी जिक्र होना अत्यंत आवश्यक है जनता के लिए क्योंकि जनता सिर्फ सरकार की बाते समझती है चौथे स्तम्भ की नहीं
Author: Jharkhand Nama
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