
JHN DESK साहिबगंज (SAHIBGANJ) झारखंड सरकार द्वारा अवैध खनन पर रोक के लाख दावे किए जाएं, लेकिन कोटालपोखर थाना क्षेत्र में सच्चाई बिलकुल उलट है। जीवनपुर और रहीमटाड़ में खनन पर नियंत्रण के लिए बनाए गए चेकपोस्ट अब सिर्फ नाम के प्रहरी रह गए हैं।
दिन में सड़कें खाली रहती हैं, लेकिन रात ढलते ही कोटालपोखर के रास्तों पर 200 से अधिक गिट्टी लदे ट्रक काफिले की तरह रेंगते हैं, जिनका गंतव्य पश्चिम बंगाल होता है। यह सब कुछ थाने से महज कुछ दूरी पर हो रहा है और सिस्टम पूरी तरह मौन है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह धंधा इतना संगठित है कि हर ट्रक को पास कराने के लिए मोटी रकम की वसूली होती है, जो रातों-रात लाखों की कमाई में तब्दील हो जाती है।
सब सेट है साहब! नीचे से लेकर ऊपर तक
स्थानीय लोगों का चौंकाने वाली बात यह है कि न चेकपोस्ट रोकते हैं, न प्रशासन के पहरेदार सवाल उठाते हैं।
सवाल बहुत हैं,जवाब कहीं नहीं— चेकपोस्ट पर तैनात अधिकारी क्या कर रहे हैं ?
क्या थाना प्रशासन इस तस्करी से अंजान है ?
Author: Jharkhand Nama
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