
JHN DESK साहिबगंज:(SAHIBGANJ) जहाँ कानून के रखवाले खड़े होने चाहिए, वहाँ अब माफिया का राज चलता है। साहिबगंज जिले के कोटलपोखर थाना क्षेत्र अंतर्गत जीवनपुर और रहीमटांड़ चेक पोस्ट अब कानून की नहीं, खनन माफिया की निगरानी में हैं।
इन चेक पोस्टों का समय भी अजीब है दिन में ताले लटकते हैं, और रात होते ही धड़ाधड़ ट्रकों की परेड शुरू हो जाती है! रोजाना रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक ये चेक पोस्ट पूरी तरह सक्रिय हो जाते हैं, लेकिन यह सक्रियता कानून पालन के लिए नहीं, अवैध पत्थर लदे ट्रकों को पास कराने के लिए होती है।
गिट्टी से लदे ये ट्रक, बिना वैध चालान के, धड़ल्ले से पश्चिम बंगाल की ओर रवाना होते हैं। आंकड़े चौंकाते हैं रातभर में 200 से अधिक ट्रक इस गोरखधंधे में संलिप्त होते हैं। यह सब कुछ साहिबगंज उपायुक्त के सख्त आदेशों के बावजूद हो रहा है।
यह सवाल अब आम जनता का बन चुका है जब जिला प्रशासन ने अवैध खनन पर रोक लगाने के आदेश जारी कर रखे हैं, तो ये चेक पोस्ट किसके आदेश पर ‘अवैध ट्रांजिट कॉरिडोर’ बन गए हैं ?
चेक पोस्ट या ‘उगाही केंद्र’ ?
स्थानीय सूत्रों की मानें तो यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित और संगठित है। रात के अंधेरे में न सिर्फ ट्रक गुजरते हैं, बल्कि नोटों की गड्डियाँ भी अदृश्य हाथों में पहुंचती हैं। यह न सिर्फ प्रशासन की विफलता है, बल्कि जनविश्वास के साथ एक खुला धोखा है।
Author: Jharkhand Nama
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