कोटालपोखर में लॉटरी का लफड़ा न राजा के हाथ आया सिंहासन, न जनता के हाथ आया राशन!

JHN DESK साहिबगंज (SAHIBGANJ) साहिबगंज जिले के कोटालपोखर थाना क्षेत्र में लॉटरी का धंधा अब आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया नहीं, बल्कि भाग्य बेचो, बर्बादी लो का धंधा बन गया है।

यहाँ निखिल कुमार साहा और सोहीद अंसारी उर्फ राजा ने मिलकर पूरा लॉटरी साम्राज्य खड़ा कर रखा है। इनके दर्जनों गुर्गे दिन-रात घूम-घूमकर बेच रहे हैं किस्मत के नाम पर कागज के टुकड़े, जो असल में गरीबों की जेब काटने की कैंची बन चुके हैं।

सुबह से रात तक चौक-चौराहों पर नशा-ए-लॉटरी की दुकानदारी, मॉर्निंग, इवनिंग और नाइट शिफ्ट में चलता बर्बादी का सौदा कोटालपोखर बाजार से लेकर आसपास के ग्रामीण इलाकों तक, लॉटरी का यह अवैध खेल इस कदर फैल चुका है कि घर में चूल्हा ना जले, पर लॉटरी का टिकट जरूर खिले!

जहां लॉटरी माफिया मालामाल हो रहे हैं, वहीं लॉटरी खरीदने वाले युवा हो रहे हैं बेहाल जैसे तिनके के सहारे समंदर पार करने की कोशिश युवा सोचते हैं आज नहीं तो कल, किस्मत पलटेगी लेकिन किस्मत तो ऐसी पलट रही है जैसे गधा घोड़ा बनने चला और खाई में गिर पड़ा।

पुलिस सब देख रही है, पर मूड ऐसा है जैसे अंधा बांटे रेवड़ी, और अपनों को दे! कई बार शिकायत आई, मगर हर बार जवाब जांच चल रही है, कार्रवाई होगी…

अब सवाल ये है कब जागेगा प्रशासन ?
या फिर ये धंधा ऐसे ही चलता रहेगा न राजा माने, न निखिल थमे !

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Author: Jharkhand Nama

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