
रिपोर्ट : नंद किशोर मंडल / पाकुड़
JHN DESK पाकुड़ (PAKUR) पाकुड़ शहरकोल में गुरुवार को कुछ ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने न सिर्फ बेटियों की प्रतिभा को मंच दिया, बल्कि वहां मौजूद हर शख्स को प्रेरित कर दिया। फेस संस्था की ओर से आयोजित ‘आगाज़’ कार्यक्रम में बालिका शिक्षण केंद्रों की छात्राओं ने विज्ञान प्रदर्शनी, सामाजिक नाटक, नृत्य और गायन की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य अतिथि उपायुक्त मनीष कुमार ने समारोह का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया और कहा, कामयाबी के रास्ते मेहनत, अनुशासन और अच्छी संगत से होकर जाते हैं। उन्होंने बेटियों को प्रेरणादायक कहानियों के जरिए आगे बढ़ने का मंत्र भी दिया। डीसी ने कहा कि संगति जीवन को बना भी सकती है और बिगाड़ भी सकती है। अच्छे लोग और सकारात्मक सोच सफलता की कुंजी हैं।
बेटी के नाम एक पेड़” की पहल को मिली सराहना
कार्यक्रम में उपायुक्त ने मां के नाम एक पेड़ और बेटी के नाम एक पेड़” लगाने का भावुक संदेश दिया। उन्होंने सभी से पर्यावरण के लिए व्यक्तिगत योगदान देने की अपील की।
फेस संस्था का लक्ष्य – उच्च शिक्षा की ओर बेटियों को अग्रसर करना
फेस की सचिव रितु पांडेय ने बताया कि संस्था का उद्देश्य बेटियों को मजबूत शैक्षणिक आधार देकर उच्च शिक्षा की ओर प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि 2014 में शुरू हुई बालिका शिक्षा परियोजना अब फल देने लगी है, और पाकुड़ जैसे पिछड़े जिले में शिक्षा की अलख जगी है।
बाल विवाह पर नाटक, प्रदूषण पर संदेश
बेटियों ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर जोरदार नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। वहीं नृत्य और गायन के माध्यम से शांति और स्वच्छता का संदेश भी दिया।
विज्ञान प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
फेस द्वारा संचालित 19 शिक्षण केंद्रों की छात्राओं ने विज्ञान और गणित से जुड़े कई नवाचारों को मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। जल चक्र, पवन चक्की, जल शुद्धिकरण जैसे प्रयोगों को देखकर उपायुक्त भी कायल हो गए और बच्चियों की प्रशंसा की।
अतिथियों का हुआ सम्मान, मंच संचालन में दिखी दक्षता
डीसी मनीष कुमार, डीडीसी महेश कुमार संथालिया, समाजसेवी लुत्फल हक, डॉ. विश्वजीत चक्रवर्ती और प्रीति मुंजाल का बच्चियों ने भव्य स्वागत किया। मंच संचालन प्रिया कुमारी और हिना ने प्रभावशाली अंदाज में किया।
कार्यक्रम की सफलता के पीछे मजबूत टीम
इस भव्य आयोजन में रितु पांडेय की अगुवाई में महबूब आलम, अशोक मंडल, शहादत हुसैन, मो. रिजवान, देवज्योति बनर्जी, और अजीजुर रहमान की टीम ने पर्दे के पीछे से कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आगाज़ ने साबित कर दिया कि जब बेटियों को मंच मिलता है, तो वो सिर्फ चमकती नहीं, समाज को रोशन भी करती हैं।
Author: Jharkhand Nama
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