उपायुक्त रवि आनंद और एसपी राजकुमार मेहता ने लाठी खेल दिखाकर बटोरा तालियां

JHN DESK :(JAMTADA)जामताड़ा में मुहर्रम पर्व के अवसर पर एक भव्य और ऐतिहासिक जुलूस का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न गांवों से ताजिया और अखाड़ा कमेटियां एकत्र होकर सुभाष चौक पर पहुंचीं। जुलूस के दौरान “या अली, या हुसैन” के नारों की गूंज पूरे वातावरण में सुनाई दी, जिससे पर्व की गरिमा और भव्यता और भी बढ़ गई। इस अवसर पर इस्लाम धर्म के अनुयायियों के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और पर्व की गरिमा में अपनी सहभागिता निभाई
अखाड़ा खिलाड़ियों ने अपनी अद्भुत और हैरतअंगेज कलाओं का प्रदर्शन किया, जिसमें तलवारबाज़ी, भाला चलाना, गड़ासा, लाठी और आग के करतब शामिल थे। यह पर्व हजरत इमाम हुसैन की शहादत और उनके द्वारा सत्य के लिए दिए गए बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने कर्बला के मैदान में अपने पूरे परिवार सहित शहीद होकर भी अन्याय और अत्याचार के आगे सिर नहीं झुकाया।
सभी अखाड़ा कमेटियों का मिलन सुभाष चौक पर हुआ, जहां एक के बाद एक अखाड़ों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शाम होते-होते नाराडीह, बुधुडीह सहित अन्य गांवों की अखाड़ा कमेटियों ने एसडीओ आवास के समीप अंतिम प्रदर्शन किए। सजी हुई ताजिया को सैकड़ों की संख्या में समुदाय के लोग श्रद्धा के साथ लेकर चले।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। उपायुक्त रवि आनंद और पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने अपने दल-बल के साथ मौके पर तैनात रहकर विधि व्यवस्था पर निगरानी रखी। इस अवसर पर डीसी और एसपी ने लाठी खेल का प्रदर्शन कर न सिर्फ भीड़ को चौंका दिया, बल्कि खिलाड़ियों का हौसला भी बढ़ाया। उनका ये अंदाज़ जनता को खासा पसंद आया और लोग तालियों से स्वागत करते नजर आए।
इस आयोजन में कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और समाजसेवी भी उपस्थित रहे और अखाड़ा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने स्वयं भी लाठी खेल का प्रदर्शन कर सामाजिक एकता का संदेश दिया। मुहर्रम का यह पर्व, एक ओर जहां इतिहास की एक दुखद गाथा को याद करता है, वहीं दूसरी ओर समाज में धार्मिक सौहार्द, एकता और त्याग की भावना को प्रबल करता है।
Author: Jharkhand Nama
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