कीचड़ भरे रास्तों से इंसानियत तक: पाकुड़ के समाजसेवी अजर इस्लाम ने निभाया वादा, गरीब परिवार को दिया सहारा

कीचड़ भरे रास्तों से इंसानियत तक: पाकुड़ के समाजसेवी अजर इस्लाम ने निभाया वादा, गरीब परिवार को दिया सहारा

ईद का त्योहार जहां खुशियों का पैगाम लेकर आता है, वहीं पाकुड़ विधानसभा के पूर्व NDA प्रत्याशी व समाजसेवी अजर इस्लाम ने इस बार इंसानियत की एक नई मिसाल पेश की है। चॉचकी पंचायत के चाचकी गाँव में एक गरीब परिवार की मजबूरी सुनकर उन्होंने न सिर्फ मदद का हाथ बढ़ाया, बल्कि कीचड़ और मूसलाधार बारिश के बीच नंगे पाँव चलकर अपना वादा भी निभाया।

क्या है पूरा मामला?  ईद के पहले दिन एक गरीब बहन रोते-बिलखते अजर इस्लाम के घर पहुंची। उसने बताया कि उसके पति कई वर्षों से गंभीर बीमारी के चलते बिस्तर पर हैं। घर में आठ छोटे-छोटे बच्चे हैं और कमाने वाला कोई नहीं। हालत ऐसी थी कि ईद की रात बच्चों के लिए घर में अनाज का एक दाना तक नहीं था।

पीड़ा सुनते ही अजर इस्लाम ने उसी रात अपने कार्यकर्ताओं के जरिए आर्थिक मदद और 4-5 दिन का राशन भिजवाया, ताकि ईद पर कोई भूखा न सोए। साथ ही उन्होंने वादा किया कि वे खुद हालात देखने घर आएंगे।

वादा निभाने के लिए उतारी चप्पल

आज सुबह से लगातार बारिश हो रही थी। खेतों-रास्तों में इतना कीचड़ था कि चलना मुश्किल था। लेकिन अजर इस्लाम ने कहा, “जिससे वादा करता हूँ, उसे निभाने की पूरी कोशिश करता हूँ।” उन्होंने चप्पल उतारी और नंगे पाँव कीचड़ में चलते हुए उस परिवार के घर पहुंचे।

 

इस बार वे अपने साथ 3-4 महीने का राशन, बहन के लिए साड़ी, बीमार पति के लिए कपड़े और आर्थिक सहयोग लेकर गए थे। घर की हालत देखकर वे भावुक हो गए— एक तरफ बिस्तर पर लाचार पति, दूसरी तरफ आठ मासूम बच्चों की जिम्मेदारी और गरीबी का अंधेरा।

कीचड़ से मुक्ति का भी दिया भरोसा

घर के आंगन में जलजमाव और कीचड़ देखकर अजर इस्लाम ने परिवार से वादा किया कि वे पक्की व्यवस्था कराएंगे, ताकि आने-जाने और रहने में दिक्कत न हो।

उन्होंने कहा, “गरीबों का दर्द समझना और उनके सुख-दुख में साथ खड़ा रहना ही मेरे जीवन का उद्देश्य है। मेरे लिए जनता का विश्वास किसी भी पद से बड़ा है। अल्लाह से दुआ है कि इस परिवार की परेशानियाँ दूर हों।”

समाज के लिए संदेश

इस घटना ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा किया है— त्योहार सिर्फ पकवानों और नए कपड़ों का नाम नहीं, बल्कि उन घरों तक रोशनी पहुंचाने का नाम है जहां अंधेरा है।

अजर इस्लाम का कहना है, “गरीब के घर तक पहुंचने के लिए अगर कीचड़, बारिश और कठिन रास्तों से गुजरना पड़े, तो वह भी कम है। इंसानियत का रास्ता कभी आसान नहीं होता, लेकिन यही सबसे खूबसूरत रास्ता होता है।”

 

Jharkhand Nama
Author: Jharkhand Nama

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