शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: उपायुक्त

शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: उपायुक्त

उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, शिक्षक प्रशिक्षण एवं विद्यालयों के समग्र विकास को लेकर दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश

झारखंड नामा ब्यूरो पाकुड़ :समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षण व्यवस्था तथा विद्यालयों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।*

समीक्षा के दौरान *उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज* ने श्रेणीवार सरकारी विद्यालयों की स्थिति, विशेष श्रेणी के विद्यालयों, कक्षा आठवीं बोर्ड परीक्षा-2026 के जिला स्तरीय परिणामों एवं अन्य शैक्षणिक सूचकों का गहन मूल्यांकन किया। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों के दसवीं बोर्ड परीक्षा-2026 के परिणाम अपेक्षित स्तर के अनुरूप नहीं रहने पर उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए वर्ष 2027 में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने हेतु ठोस रणनीति तैयार करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया।

*विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति की समीक्षा* के दौरान उपायुक्त ने गंभीर अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया। समीक्षा में पाया गया कि 189 विद्यालयों द्वारा छात्रों की उपस्थिति ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर एक भी दिन अंकित नहीं की गई, जबकि 47 विद्यालयों में पूरे माह के दौरान मात्र एक दिन ही विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। इसे अत्यंत गंभीर लापरवाही मानते हुए उपायुक्त ने संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया। वहीं *शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति* की समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि 18 विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा पूरे माह में एक भी दिन बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं की गई। इस पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित शिक्षकों का वेतन अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, अनुशासन एवं नियमित उपस्थिति से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन एवं शैक्षणिक प्रगति की भी समीक्षा की गई। व्यावसायिक विकास प्रशिक्षक कार्यक्रम के तहत जिला शिक्षा अधीक्षक ने बताया कि शिक्षकों का पंजीकरण कर उन्हें मोबाइल आधारित ऑनलाइन प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। समीक्षा में यह भी सामने आया कि 51 शिक्षकों ने अब तक प्रशिक्षण प्रारंभ नहीं किया है। इस पर उपायुक्त ने सभी शिक्षकों को अविलंब प्रशिक्षण से जुड़ने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रशिक्षण पूर्ण करने का निर्देश दिया।

एफएलएन (FLN) चैंपियनशिप में जिले के प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य स्तर पर जिले की रैंकिंग 18वीं है। उपायुक्त ने प्रदर्शन में और सुधार लाने पर बल देते हुए कहा कि नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति एवं सतत शैक्षणिक निगरानी के माध्यम से जिले को शीर्ष श्रेणी में लाने का प्रयास किया जाए।

विद्यालय प्रमाणीकरण (स्कूल सर्टिफिकेशन) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि निर्धारित मानकों के आधार पर विद्यालयों को ब्रॉन्ज, सिल्वर एवं गोल्ड श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है। जिले को पूर्व में सिल्वर एवं ब्रॉन्ज श्रेणी प्राप्त हो चुकी है, जबकि अब तक कोई भी विद्यालय गोल्ड श्रेणी हासिल नहीं कर पाया है। इस पर उपायुक्त ने संभावनाशील विद्यालयों की पहचान कर उन्हें गोल्ड श्रेणी के लिए तैयार करने तथा इसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने विद्यालयों में पुस्तकालय सुविधाओं के विस्तार, पठन-पाठन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि विकसित करने पर विशेष बल दिया। वहीं आईसीटी लैब शिक्षक प्रशिक्षण की समीक्षा के दौरान संबंधित पदाधिकारी ने बताया कि जिन विद्यालयों में आईसीटी लैब स्थापित हैं, वहां के शिक्षकों को इसके संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उपायुक्त ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और सुदृढ़ बनाने तथा तकनीक आधारित शिक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति, तकनीकी दक्षता एवं उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणाम ही जिले के समग्र शैक्षणिक विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों से समर्पण, उत्तरदायित्व एवं समन्वय के साथ कार्य करते हुए शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया

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Author: Jharkhand Nama

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