अब तालाबों को मूल स्वरुप मे वापस लाने कवायद तेज़ झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर हुई नोटिस

पाकुड़ में पोखर की जमीन पर अवैध निर्माण का मामला, SPT एक्ट के उल्लंघन पर नोटिस जारी

खतियान में पोखर दर्ज जमीन पर मकान-दुकान निर्माण, राजस्व विभाग ने दी चेतावनी

पाकुड़ :अंचल कार्यालय पाकुड़ के द्वारा मौजा-पाकुड़ मौजा नं0-128 से संबंधित एक मामले में नोटिस जारी किया गया है।

 

जारी नोटिस के अनुसार राजस्व उप-निरीक्षक एवं अंचल निरीक्षक द्वारा राजस्व अभिलेख एवं स्थलीय जाँच के बाद प्रतिवेदन सौंपा गया है। प्रतिवेदन में कहा गया है कि मौजा गोजा-पाकुड़ नं0-128 के खाता सं0-588 के अंतर्गत दाग सं0-1345, कुल रकवा 02 बीघा 18 कट्ठा 50 धूर भूमि सर्वे खतियान में खतियानी रैयत शेषनाथ पाण्डेय के नाम से दर्ज है और उक्त भूमि का किस्म खतियान में “पोखर” कहकर दर्ज है।

प्रतिवेदन के अनुसार उक्त दाग सं0-1345 जिसकी किस्म “पोखर” है, पर संबंधित व्यक्ति द्वारा मकान, दुकान एवं गेट का निर्माण कर भूमि के स्वरूप में परिवर्तन किया जा रहा है। विभाग ने इसे संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम, 1949 की धारा 35 का उल्लंघन माना है।

नोटिस में यह भी उल्लेख है कि उपरोक्त भूमि से संबंधित मामला माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची में WP (C) No-726/2015 (मो० मंसूर अली एवं अन्य बनाम झारखंड राज्य) एवं WP (C) No-654/2015 (मो० अफरोज अली एवं अन्य बनाम झारखंड राज्य) के रूप में विचाराधीन था और इस संबंध में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आदेश भी पारित किया गया है।

माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित उपरोक्त आदेश के आलोक में मौजा-पाकुड़ न0-128 के जमाबंदी सं0-588 के अन्तर्गत दाग सं०-1345 से संबंधित भूमि/पोखर के मूल स्वरूप को परिवर्तन न करें / तत्संबंधित कोई कार्य न करें। साथ ही उक्त पोखर के मूल स्वरूप में किये गये परिवर्तन के विरूद्ध पूर्व में भी आपको अंचल कार्यालय, पाकुड़ के ज्ञापांक-1129/रा०, दिनांक-09.09.2023 के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में कृत कार्रवाई करते हुए अनुपालन प्रतिवेदन भूःखण्ड के फोटो ग्राफ सहित अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय को उपलब्ध कराने हेतु आर्दश दिया गया था। पुनः आपको (अंतिम चेतावनी देते हुए आदेश दिया जाता है कि पन्द्रह दिनों के अन्दर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में दाग सं0-1345 से संबंधित भूमि / पोखर को मूल स्वरूप में लाकर अधोहस्ताक्षरी को सूचित करें। आपके द्वारा अगर उक्त कार्रवाई नहीं की जाती है तो आपके विरूद्ध अवैध रूप से पोखर के रपरूप के परिवर्तन करने के कारण बल पूर्वक प्रशासन द्वारा दाग सं0-1345 को पोखर को मूल स्वरूप मे परिवर्तित किया जायेगा और उक्त कार्य में जो भी राशि व्यय होगी उसकी वसूली आपसे की जायेगी। अनुपालन की जानकारी डेड लाइन तक देना सुनिश्चित करें

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Author: Jharkhand Nama

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