बाहरी-भीतरी पत्रकार का खेल बर्दाश्त नहीं, पत्रकारों में भेदभाव वाले बयान की घोर निंदा : आईएफडब्ल्यूजे पाकुड़
उपायुक्त से मुलाकात के नाम पर भेदभावपूर्ण बयान, पत्रकार संगठन ने जताई कड़ी आपत्ति
जिला शिक्षा पदाधिकारी के फरमान पर ज्ञापन के बाद दिए बयान से विवाद, आईएफडब्ल्यूजे बोला – यह संगठन तोड़ने की साजिश
पाकुड़ इकाई ने कहा – पत्रकार पत्रकार होता है, बाहरी और भीतरी का बंटवारा पत्रकारिता की एकता पर हमला
झारखंड नामा पाकुड़, 18 सितंबर : जिले में पत्रकारों के हितों के लिए कार्य करने वाली संस्था इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन, पाकुड़ इकाई ने पत्रकारों के बीच भेदभाव करने वाले एक बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने कहा है कि इस तरह का बयान न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि पत्रकारों की एकता को तोड़ने वाला है।
संगठन के अनुसार, जिले के एक पत्रकार संगठन (जेजेए) के जिला अध्यक्ष द्वारा हाल में एक बयान दिया गया, जिसमें कहा गया कि जिला उपायुक्त से मुलाकात कर जिला शिक्षा पदाधिकारी पाकुड़ के कथित तुगलकी फरमान को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। बयान में यह भी दावा किया गया कि उपायुक्त ने आश्वासन दिया है कि उक्त निर्देश जिले के पत्रकारों के लिए नहीं, बल्कि बाहरी यूट्यूबर और बाहरी पत्रकारों के लिए है।
आईएफडब्ल्यूजे पाकुड़ ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आखिर बाहरी और भीतरी का यह खेल पत्रकार संगठन को मजबूत करने की नीति है या उसे तोड़ने की? संगठन ने स्पष्ट कहा कि पत्रकारिता में इस तरह का विभाजन स्वीकार्य नहीं है।
एसोसिएशन ने कहा, “इस जिले में कार्यरत पत्रकारों के बीच इस तरह के भेदभावपूर्ण बयान की हम घोर निंदा करते हैं। भविष्य में भी इस प्रकार के किसी भी बयान का पुरजोर विरोध किया जाएगा। पत्रकार चाहे यूट्यूबर हो या प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का, उसका सम्मान एक समान होना चाहिए।”
संगठन ने जिला प्रशासन से भी मांग की है कि पत्रकारों को लेकर किसी भी तरह के निर्देश में पारदर्शिता बरती जाए और किसी वर्ग विशेष को निशाना बनाने वाली मानसिकता से बचा जाए।
Author: Jharkhand Nama
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