
JHN DESK साहिबगंज:(SAHIBGANJ) हम नहीं सुधरेंगे… ये महज़ एक जुमला नहीं, कोटालपोखर के पत्थर माफियाओं की वर्षों पुरानी कार्यशैली का असली चेहरा बन चुका है। झारखंड सरकार भले ही अवैध खनन पर लगाम कसने की बात करे, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है।
साहिबगंज जिले के कोटालपोखर क्षेत्र में रात 8 बजे के बाद कानून की सारी किताबें बंद हो जाती हैं और शुरू होता है ओवरलोड ट्रकों का बेधड़क संचालन 14 चक्का से लेकर 22 चक्का तक के भारी वाहन बेधड़क पश्चिम बंगाल की ओर पत्थर ढोते नजर आते हैं, वो भी बिना किसी वैध माइनिंग चलान के।
हर रात करोड़ों का ‘काला पत्थर व्यापार’, सरकार को रोजाना लाखों का नुकसान
सरकारी आंकड़ों से परे, हकीकत ये है कि इस पूरे नेटवर्क के चलते राज्य सरकार को रोजाना लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। जीवनपुर और रहीमटाड़ चेकपोस्ट जिनकी स्थापना अवैध खनन रोकने के लिए की गई थी अब पासिंग प्वाइंट बन चुके हैं।
यहां से हर रात दर्जनों ट्रक गुजरते हैं, जिनमें लदा होता है ‘बिना परमिशन’ का काला पत्थर और उसे पार कराने की जिम्मेदारी संभाल रखी है कथित दलालों के गठजोड़ ने, जिनके हाथ प्रशासन की जेब में गहरे धंसे हैं।
चेकनाका सिर्फ दिखावा, स्थानीय प्रशासन बनी मूकदर्शक
परेशानी की बात सिर्फ माफियाओं की हिम्मत नहीं है सवाल ये है कि आख़िर प्रशासन आंखें क्यों मूंदे बैठा है बरहरवा अंचल क्षेत्र से होकर गुजरने वाले इन ट्रकों की आवाजाही पर न तो किसी अधिकारी की नजर जाती है, और न ही किसी जांच की प्रक्रिया होती है। जब-जब वीडियो वायरल होता है, तब-तब खानापूरी के लिए कुछ ट्रकों को रोका जरूर जाता है लेकिन अगली ही रात वही गाड़ियां फिर से उसी रास्ते पर दौड़ती दिखती हैं।
काली कमाई का सिंडिकेट: दलालों की तूती बोलती है
सूत्रों के मुताबिक, ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के पीछे एक संगठित सिंडिकेट काम कर रहा है जिसमें प्रशासनिक लापरवाही और दलाली की जुगलबंदी साफ नजर आती है। ये दलाल ना सिर्फ अधिकारियों से सेटिंग करके गाड़ियां पार कराते हैं, बल्कि हर रात लाखों की उगाही भी करते हैं जिसका हिस्सा कहां तक पहुंचता है, ये बताने की जरूरत नहीं।
सरकार को जगना होगा वरना पत्थर के नीचे दब जाएगी व्यवस्था
अब वक्त आ गया है कि राज्य सरकार इस लूट तंत्र पर सीधे एक्शन ले। कोटालपोखर क्षेत्र को अविलंब विशेष निगरानी ज़ोन घोषित कर यहां अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जाए। हर चेकपोस्ट पर सीसीटीवी, लाइव मॉनिटरिंग और एसआईटी जांच शुरू की जाए। वरना आने वाले दिनों में ये माफिया सिर्फ पत्थर नहीं, शासन की जड़ें भी हिला देंगे।
रिपोर्ट – नंद किशोर मंडल / साहिबगंज
Author: Jharkhand Nama
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