
JHN DESK साहिबगंज:( SAHIBGANJ ) प्रशासन की नज़रें जहाँ मुँदी हैं, वहीं माफिया आँखें तरेर कर गिट्टी का खेल खेल रहे हैं। कोटालपोखर थाना क्षेत्र के जीवनपुर और रहीमटांड़ चेकपोस्ट पर हालात ऐसे हैं मानो बिल्ली को दूध की रखवाली दे दी गई हो!
न खाल बचेगी, न सींग ये धंधा है सीधा लूट का टर्निंग!
कोटालपोखर के जीवनपुर और रहीमटांड़ चेकपोस्ट पर कानून अब नाम के नवाब, काम के गुलाम बनकर रह गया है। दिन भर चेक पोस्ट बंद,और रात को नाच न जाने आँगन टेढ़ा कहकर 200 से ज़्यादा ट्रक गिट्टी लेकर निकलते हैं बिना चालान, जैसे बन्दर के हाथ में नारियल लग गया हो।
जिला उपायुक्त द्वारा जारी आदेशों की हालत है ढाक के तीन पात
जिसे चेकपोस्ट पर तैनात मजिस्ट्रेट साहब अंधे के हाथ आई किताब की तरह देख ही नहीं पा रहे। कान में रुई, आँख पर पट्टी, और ज़ुबान पर चुप्पी का बैंड !
थाना अध्यक्ष जी तो जैसे गागर में सागर वाले नहीं, बल्कि टांग अड़ाओ, बच निकलो नीति के पुजारी हो गए हैं।
कानून की किताबों को बना दिया गया है रद्दी का गठ्ठर
प्रशासन की भूमिका अब ढोल बजाए, पर आवाज़ न निकले जैसी हो गई है। सब देख रहे हैं, पर कोई बोल नहीं रहा। नाव में छेद है और मांझी सो रहा है!
अब सवाल उठता है जब पहरेदार ही सौदेबाज़ी में शामिल हों, तो दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली कहने में संकोच कैसा ?
Author: Jharkhand Nama
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