शेर ए साइमन मरांडी झारखंड के संघर्ष का एक अमर अध्याय उनके पुण्यतिथि पर पुष्प माला अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि

शेर ए साइमन मरांडी झारखंड के संघर्ष का एक अमर अध्याय

आज उनकी पुण्यतिथि मे उन्हें पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें दी श्रद्धांजलि 

JHN PAK पाकुड़ :साइमन मरांडी, जिन्हें झारखंड में “शेर ए साइमन” के नाम से जाना जाता था, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक सदस्य और आदिवासी अधिकारों के प्रबल समर्थक थे। उनकी पुण्यतिथि पर, उनके योगदान को याद करना न केवल झारखंड के लिए बल्कि पूरे देश के राजनीतिक परिदृश्य के लिए महत्वपूर्ण है। साइमन मरांडी का जन्म साहिबगंज जिले के डुमरिया गांव में 25 दिसंबर 1947 को हुआ था। उन्होंने छात्र जीवन से राजनीति की शुरुआत की और झारखंड के अलग राज्य बनने के आंदोलन में अहम भूमिका निभाई।साइमन मरांडी ने 1977 में पहली बार लिट्टीपाड़ा से विधायक का चुनाव जीता और पांच बार विधायक और दो बार सांसद रहे। उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में झारखंड के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी नेतृत्व क्षमता और जनता के लिए समर्पण उन्हें “दादा” का दर्जा दिलाया। वह जनता के साथ सीधे जुड़े रहते थे और उनके संघर्षों को अपनी आवाज देते थे। उनकी मृत्यु 13 अप्रैल 2021 को कोलकाता के अस्पताल में हुई, लेकिन उनके आदर्श और उनके द्वारा बताए गए रास्ते आज भी झारखंड की राजनीति में जीवंत हैं साइमन मरांडी की पुण्यतिथि पर झामुमो कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उनके आदम कद प्रतिमा पर पुष्पमाला और पुष्प अर्पित किए गए और उनके संघर्ष और योगदान को याद किया गया। उनके पुत्र दिनेश विलियम मरांडी,पूर्व विधायक , ने भी उनके विचारों को आगे बढ़ाने का वादा किया। साइमन दा का जीवन आदिवासी समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत है, और उनके संघर्षों को झारखंड हमेशा याद रखेगा

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Author: Jharkhand Nama

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