जब जज़्बात बन जाय समाजसेवा, तन, मन और धन क्या -अजहर इस्लाम

जब जज़्बात बन जाय समाजसेवा, तन, मन और धन क्या -अजहर इस्लाम

JHN PKR :पूर्व एन डी ए प्रत्याशी सह समाजसेवी अजहर इस्लाम इन दिनों एक स्वच्छ और खुले और स्वतंत्र सुंदर विचार से परिपूर्ण होकर इस समाज को समाजसेवा के महत्व को दर्शाता है। जब हम समाजसेवा के लिए जज़्बात से काम करते हैं, तो हमारे तन, मन और धन सभी उसके लिए समर्पित हो जाते हैं।जैसे तन – हमारा शरीर समाजसेवा के लिए काम करता है हमारा मन – हमारा मन समाजसेवा के लिए सोचता है और योजना बनाता है।धन – हमारा धन समाजसेवा के लिए खर्च होता है उन्होंने कहा जब हम समाजसेवा के लिए जज़्बात से काम करते हैं, तो हमें खुशी और संतुष्टि मिलती है। हमारा जीवन सार्थक हो जाता है, और हम समाज में एक सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं

और इसी उद्देश्य को कायम करते हुए एक ऐसे ज़िन्दगी को पुनः जीने की उम्मीद दी और उनकी अशेष संवेदना और उनके भरोसे पर खरे उतरे शायद यही उनकी उपलब्धि है यह समाजसेवी सह पूर्व एन डी ए प्रत्याशी अजहर इस्लाम के प्रति सार्थक होतीं दिख रही है कई समस्याओ और साजिश के बीच भी सामाजिक कार्य मे कोई कमी नहीं बल्कि और तेज़ी आई है

Jharkhand Nama
Author: Jharkhand Nama

News portal

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज