मुख्यमंत्री के नाम बाबूलाल मरांडी का पत्र पाकुड़ मे डी एम एफ टी के तहत योजनाओं की जांच को लिखा पत्र

बाबूलाल मरांडी ने अपने पत्र मे बताया है की पाकुड़ जिला अन्तर्गत पाकुड़ अंचल के इलामी पंचायत अन्तर्गत इलामी से बागानपाड़ा तक DMFT कोष से निर्मित PCC सड़क एवं गार्डवाल की जाँच कराकर दोषी पाए जाने पर कार्यकारी एजेन्सी एवं संवेदक पर कड़ी कार्रवाई करने के सम्बन्ध में

उपर्युक्त विषयक के संदर्भ में आपका ध्यान आकृष्ट कराते हुए अवगत कराना है कि वर्ष 2025 में तत्कालीन उपायुक्त ने उक्त योजना के निर्माण की स्वीकृति DMFT कोष से दी गई थी और उक्त कार्य इसी वर्ष में संवेदक हबीबुर रहमान द्वारा पूरा किया गया है, जैसा कि आवेदन में जिक्र है उक्त सम्बन्ध में इलामी पंचायत के दर्जनों ग्रामीणों का संयुक्त हस्ताक्षरित आवेदन क्षेत्र परिभ्रमण के दौरान प्राप्त हुआ है, जो इस पत्र के साथ संलग्न है, जिसका कृप्या अवलोकन करना चाहेंगे।
आवेदन में माध्यम से ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उक्त PCC सड़क एवं गार्डवाल कुछ ही महीने पहले निर्माण हुआ था. आज उक्त PCC सड़क गड्ढे में तबदील हो गई है। उल्लेखनीय है कि पूर्व से निर्मित PCC पथ में उपरी सतह पर मात्र 4 ईंच की अतिरिक्त ढलाई की गई है और उक्त सड़क की सुरक्षा हेतु निर्मित गार्डवाल के फांउडेशन की ढुलाई भी मात्र 5 इंच किए जाने की शिकायत की गई है। जबकि उक्त पथ का प्राक्कलन राशि लगभग 95 लाख रूपये है।
ग्रामीणों ने इस सम्बन्ध में बहुत सारे आरोप लगाए हैं, जो इस प्रकार है:-
1. गार्डवाल में घटिया बोल्डर का उपयोग किया गया है साथ ही पर्याप्त मात्रा में बोल्डर का उपयोग नहीं किया गया है।
2. सीमेंट की मात्रा कम और घटिया स्तर का बालू प्रयोग किया गया है।
3. जिसके कारण उक्त सड़क पर कई स्थानों पर गहरी दरारें एवं कई जगह पथ क्षतिग्रस्त हो गया है।
4. इसी पंचायत में वर्ष 2025 में सतार मौलवी के घर के पास गार्डवाल, जिसका प्राक्कलन लगभग 95 लाख रूपया था जिसमें 150 फीट गार्डवाल निर्माण करना था. मात्र 50 फीट ही पूरा कर छोड़ दिया गया और संवदेक एवं अभियन्ता की मिलीभगत से पूरी राशि निकासी की निकासी कर ली गई एवं अन्य कई गंभीर आरोप है
उन्होंने आगे लिखा है की मे आपसे माँग करता हूँ कि आवेदन के आलोक में DMFT कोष से निर्मित सभी PCC सड़क एवं गार्डवाल निर्माण की गुणवत्ता, DPR के मुताबिक कार्य, उपयोगार्थ सामग्री की गुणवत्ता, कार्यकारी एजेन्सी की अनदेखी एवं मिलीभगत की जाँच एक टीम गठित कर कराई जाय एवं दोषी संवेदक एवं कार्यकारी एजेन्सी के अभियन्ता एवं अन्य पर कड़ी कार्रवाई की जाय एवं कृत कार्रवाई से अद्योहस्ताक्षरी को भी अवगत कराया जाए।
Author: Jharkhand Nama
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