आखिर पैसा की कीमत और विभाग की पारदर्शिता पर भी सवाल लाज़मी है क्योंकि हम एक पत्रकार है और इस देश के चौथे स्तम्भ है जहाँ ना चाटुकारी ना दूसरे कोई विकल्प है इसी पर आज का एक महत्वपूर्ण विषय है

आज का विषय कहते हैं पाकुड़ पिछड़ा जिला है… यह जिला भैया, पिछड़ा होगा कागजों में! यहां के साहब लोगों के लिए तो पाकुड़ दुबई से कम नहीं! कार्मिक विभाग रांची से नोटिफिकेशन भेज-भेजकर थक गया कि “भैया, 3 साल हो गए, अब तो कुर्सी छोड़ दो”, पर हमारे चुनिंदा अधिकारी बोले, “ना भैया ना! पाकुड़ की मिट्टी में शहद घुला है, जफरानी जर्दे का नशा ऐसा चढ़ा है कि तबादला कैंसिल करवाना पड़े तो करवा लो, पर पाकुड़ नहीं छोड़ेंगे!”

और सुनिए दूसरा किस्सा! तत्कालीन उपायुक्त ने सोचा था बड़ा तीर मार लिया, जिले भर के बाबुओं और राजस्व उपनिरीक्षकों का तबादला कर दिया। आदेश आया, कई बेचारे बाबू बोरिया-बिस्तर बांधकर नए प्रखंड-अंचल में जाकर ज्वाइन भी कर आए। लेकिन अंदरखाने खेला हो गया! सूत्र बताते हैं कि चुनिंदा “खिलाड़ी” बाबुओं ने प्रतिनियुक्ति नाम के ब्रह्मास्त्र से ऐसी गुगली फेंकी कि एड़ी-चोटी का जोर लगाकर वापस अपनी पुरानी मलाईदार सीट पर पांव जमा लिए। मतलब, तबादला कागज पर, मलाई हकीकत में!

अब बात परिवहन विभाग की, तो भैया यहां तो गाथा ही निराली है! यहां के कई कर्मवीर तो तबादले को भी “टूर एंड ट्रैवल्स” समझते हैं। गए, घूमे-फिरे और जुगाड़ भिड़ाकर वापस पाकुड़ की उसी चुनिंदा गद्दी पर विराजमान! रुतबा ऐसा कि पूछो मत।
तो सवाल ये है मेरे प्यारे दर्शकों, आखिर पाकुड़ की इस मिठाई में ऐसी कौन सी मिठास है? कौन सा खजाना है जो इन साहबों को पाकुड़ छोड़ने ही नहीं दे रहा? और ये “कच्ची उड़ती गड्डी” आखिर इतनी आसानी से जेब में कैसे आ रही है? इसका जीता जागता उदाहरण आप के सामने है जैसा की महेशपुर के प्रखंड नाजिर आसिफ अली लिट्टी पाड़ा प्रखंड नाजिर राजा राम आखिर किनके संगरक्षण मे जमे हुए है इसके अलावे तत्कालीन उपायुक्त के द्वारा छह माह पूर्व स्थानांतरण लिपिक एवं राजस्व उप निरीक्षक पुनः अपनी पुरानी कुर्सी की चाह लिए हुए है वही वर्तमान उपायुक्त के द्वारा की गई जनसेवक की स्थानांतरण के बाबजूद भू अर्जन सहित कई विभाग मे जमे है आखिर माजरा क्या है
इस कड़ी में इतना ही! मसाला अभी बाकी है मेरे दोस्त… अगले एपिसोड में होगा और भी बड़ा धमाका, तब तक जुड़े रहिए सिर्फ झारखंड नामा के साथ!
Author: Jharkhand Nama
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