लिट्टीपाड़ा प्रखंड में मनरेगा योजनाओं में भारी गड़बड़ झाला
अमित कुमार दास : लिट्टीपाड़ा प्रखंड में मनरेगा योजना का स्वरूप अब लुट खसौट का एक हब बन चुका हैं इसका बड़ा प्रमाण तो वर्ष 2015 के जांच जो तत्कालिन उपायुक्त पाकुड़ दिनेश चंद्र मिश्र के कार्यकल के दौरान लिट्टीपाड़ा प्रखंड 16 जांच टीमों के द्वारा की गई थी पर इस जांच और कारवाई से तत्कालीन उपायुक्त दिनेश चंद्र मिश्र ने किनारा लेकर शिकायत कर्ता के विरूद्ध ही अपना षड्यंत्र साधा और दोषियों को राहत देने का कार्य किया था पर तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में कई मामलों पर प्राथमिकी दर्ज हुईं और कई मामलों को दबाने का कु प्रयास किया गया था पर इस मामले के सभी जांच प्रतिवेदन की मांग सूचना के अधिकार अधीनियम के तहत् प्राप्त कर ली गई थी और तत्कालीन उपायुक्त दिनेश चंद्र मिश्र के सेवानिवृत के पश्चात मामले की जनहित याचिका झारखंड उच्च न्यायालय में दाखिल हों चुकी हैं इस मामले पर गड़बड़ झाला मे तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी राजीव कुमार के विरूद्ध विभागीय कारवाई तक हों चुकी है इसके बाबजूद लिट्टीपाड़ा प्रखंड में मनरेगा योजना में केवल गड़बड़ झाला ही दिखाई दे रहे है आखिर मनरेगा योजना की देख भाल को कनिया अभियंता, रोज़गार सेवक, विभागीय संवेदक और सहायक अभियंता, के साथ साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं जिले के लोकपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है इसके बाबजूद इस तरह की गड़बड़ झाला के संरक्षण कर्ता है कौन लिट्टीपाड़ा प्रखंड के गड़बड़ झाला की खबरे सामने आने के बाबजुद इस मामले से अधिकारी कोशो दूरी बनाए रखें है शायद इसीलिए लिट्टीपाड़ा प्रखंड में मनरेगा योजना के तहत जो भी काम हो रहे है, उस काम में लाभुक को लाभ नहीं मिलता है जो पैसा लाभुक का योजना में खर्च होना चाहिए वह पैसा मनरेगाकर्मी का जेब में घुस जाते है,ताज़ा मामला हाल ही दिनों में लिट्टीपाड़ा प्रखंड के बीचामहल गांव में डोभा निर्माण कार्य में देखने को मिला था जहां रामप्रसाद साहा के जमीन में हो रहे डोभा निर्माण में घास छीलकर 3 लाख 28 हजार 2 सौ 48 रुपिया का अवैध निकासी प्रकाश में आया था जिसको लेकर कई सोशल मीडिया में यह मामला तुल पकड़ लिया था पर इस मामले पर लिट्टीपाड़ा प्रखंड के बीडीओ संजय कुमार के द्वारा अब तक कारवाई नही किया जाना स्पष्ट करता है की यह सब गड़बड़ झाला सभी के मिलि भगत से होते है, वैसे ना जाने कितना मनरेगा योजना भ्रष्टाचार भेंट चढ़ गया है इस प्रखंड की उच्च स्तरीय जांच के बाद ही इसका आकलन किया जाना स्पष्ट है इस मामले पर कई बार खबरें भी प्रकाशित हुई थी पर मामले पर संज्ञान संज्ञान नहीं लिया गया है
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Author: Jharkhand Nama
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