
JHN DESK साहिबगंज (SAHIBGANJ): साहिबगंज जिला स्थित कोटालपोखर चेकपोस्ट इन दिनों माफिया राज का पर्याय बनता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, हर दिन लगभग 250 ट्रक बिना माइनिंग चालान के स्टोन चिप्स की अवैध ढुलाई करते हुए पश्चिम बंगाल की ओर निकल जाते हैं, और हैरानी की बात यह है कि चेकनाका पर इन गाड़ियों की एंट्री मात्र 20 से 25 तक ही दर्ज होती है।
यह पूरी प्रक्रिया स्थानीय प्रशासन की आंखों के सामने होती है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि सरकारी स्तर पर की गई गुप्त शिकायतें भी माफियाओं तक लीक हो जाती हैं। शिकायत की कॉपी लेकर माफिया खुलेआम घूमते नजर आते हैं यह सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र की निष्क्रियता और सांठगांठ की ओर इशारा करता है।
स्थानीय लोगों में इस अव्यवस्था को लेकर रोष है। उनका कहना है कि अगर जांच हो तो कोटालपोखर चेकपोस्ट पूरे झारखंड की खनन माफिया गतिविधियों का बड़ा खुलासा कर सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है आखिर माफियाओं तक सरकारी गोपनीय दस्तावेज कैसे पहुंचते हैं? क्या सिस्टम में कहीं अंदर से ही कोई लीक है?
प्रशासन को चाहिए कि तत्काल उच्चस्तरीय जांच बैठाई जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, नहीं तो कोटालपोखर चेकपोस्ट सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और माफिया राज का प्रतीक बन जाएगा।
Jharkhand nama desk sahibganj
Author: Jharkhand Nama
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