अजहर इस्लाम के खनन क्षेत्र बेलपाहाड़ी मे हुए हेवी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों के घर हुए क्षति ग्रस्त हवाई फायरिंग मारपीट और गाड़ियों की शीशा तोड़ फोड़ की खबरें बड़े तेज़ी से सोशल मीडिया मे आने के बाद चर्चा का माहौल , ज़िला प्रशासन का उत्तरदायित्व, स्थानीय प्रशासन की भूमिका सहित ग्रामीणों का पक्ष अब तक अपूर्ण है आइये विस्तार मे एक नज़र

हेवी ब्लास्टिंग को लेकर कोई शिकायत- उक्त खनन क्षेत्र करीब 10वर्ष से संचालित है आखिर गांव के घरों तक यह पत्थर चट्टान पहली बार टाली तोड़कर मकान मे घुसी या पूर्व मे 10सालो मे कभी नहीं हुई अगर हुई तो ग्रामीण चुप क्यों थे उनके द्वारा कोई शिकायत क्यों नहीं की गई सम्बंधित अधिकारी से?
हेवी ब्लास्टिंग मे बारूद की उपलब्धता – हेवी ब्लास्टिंग पाकुड़ ज़िलें के सभी खदानों मे होते है जिन्हे बारूद मुहैया पाकुड़ के बारूद एजेंट करते है उक्त एजेंट की बारूद स्टोर की क्षमता क्या है-?
ग्रामीणों को जब उक्त खनन और क्रेशर मे मजदूरी करते है उनसे उनका घर का दाल रोटी चलता है तो फिर ग्रामीण क्यों हुए आक्रोशित -?
ग्रामीणों का गुस्सा का कारण हेवी ब्लास्टिंग से उनके घर पर पत्थर टाली तोड़कर घर पर गिरना जिनसे आक्रोषित ग्रामीण क्रेशर प्लांट को करवा दिया था बंद उक्त विवाद का वीडियो फेसबुक और न्यूज़ मे आने के बाद प्राय सभी ने घटना की मूल भुत बातों को समझा लिए होंगे इस क्षेत्र मे ऐसी घटना आम बात है कुछ दिनों पहले गंगाराम घोष के खनन क्षेत्र जियाजोरी के पास ब्लास्टिंग के पत्थर से एक महिला का सर फटा जिसे कुछ खर्चा पानी देकर सेटल मेन्ट कर दिया गया था फिर बेलपाहाड़ी के अजहर इस्लाम के खनन क्षेत्र के मामले पर सोशल मीडिया मे बाढ़ सी आ गई है जिस पर अजहर इस्लाम ने ग्रुप के माध्यम से एक प्रेस विज्ञप्ति डाले हुए है और उन्होंने बड़े बारीकी से कुछ अहम जानकारिया सहित इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ चुके है अब आगे कौन किस पर है भारी यह जांच, समय, राजनीति और साजिश यह तथ्यों को किस हद तक अपने पक्ष मे करेंगे रहेगा नज़र
बेलपहाड़ी क्रशर में हमले का सच खुद साझा कर रहे है अजहर इस्लाम हिरणपुर प्रखंड के बेलपहाड़ी मौजा स्थित मेरे क्रशर प्लांट में ग्रामीणों के हमले को लेकर कई तरह की बाते सामने आ रही है. एक ओर जहां ग्रामीणों के कहने पर क्रशर बंद किया गया वहीं ग्रामीणों से बात करके ही क्रशर को दूसरे दिन शुरू किया गया.लेकिन पाकुड़ जिला के राजनीतिक दल के संरक्षित एवं प्रभावित व्यक्तियों के द्वारा ग्रामीणों को प्रभावित कर क्रशर को जबरदस्ती बंद कराने के लिए क्रशर के लोगों को मारना पीटना शुरू कर दिया. उन्हें रोकने पर गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया.
इस हमले को जायज ठहराने के लिए कई आरोप लगाया जा रहा है. लेकिन सच ये है कि क्रशर का संचालन नियम संगत तरीके से किया जा रहा है. क्रशर प्लांट एवं पत्थर खदान सभी कागजात वैध एवं अद्यतन हैं। विस्फोट पदार्थ का कागजात, प्रशिक्षित मेट/सेकंड क्लास मैनेजर के द्वारा संचालित किया जा रहा है। फिर भी राजनीतिक दुर्भावनाओं के कारण मेरे साथ साजिश किया जा रहा है। लेकिन कुछ मामले ऐसे हैं जिनका आज मैं उद्बभेषन अपने जिले वासियों के समक्ष कर रहा हूं ,इन मामलों में पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा अंचल के मौजा हथीगढ़ में बंद पड़े पत्थर खदान पर, वन विभाग की जमीन को अवैध तरीके से पत्थर खनन कर रहा है तथा हिरणपुर अंचल के मौजा मानसिंहपुर में सरकारी कैनल की जमीन पर तथा मौजा तालपहाड़ी में लीज एरिया से हटकर पत्थर खनन कर रहा है. वन विभाग की जमीन पर अवैधतरीके से पत्थर खनन एवं सरकारी जमीन का अवैध खनन कर रहे राजनीतिक दल के संरक्षित एवं प्रभावित व्यक्तियों पर प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं कई पत्थर व्यवसाई ऐसे भी हैं, जो अपने राजनीतिक आकाओं के पैसे को अपने व्यवसाय में इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे लोग मेरे खिलाफ साजिश करने के मुख्य सूत्रधार हैं
Author: Jharkhand Nama
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