सुंदरा पहाड़ी में एक है आलम जिनके अवैध खनन के विशात पर पर्दा डालने की हो रही है ताजपोशी
27 बीघा गैर-लीज क्षेत्र में खुदाई, मापी दस्तावेज से छेड़ छाड़ कर रफा दफा करने का बड़ा रैकेट सक्रिय
JHN PKR पाकुड़ अंचल अधीन सुंदरा पहाड़ी मौजा में स्थित एक आलम की कहानी है अजब निराली जो ना केवल राजस्व को चुना लगाया बल्कि खनन अधिकारी से लेकर अंचल अधिकारी तक को साठ गाठ मे लेकर लीज़ की स्वीकृत क्षेत्र से करीबन 27विघा मे अवैध खनन किये जाने को लेकर स्थानीय ग्रामीणों एवं सूत्रों के अनुसार खनन कार्य लीज की नियम और शर्त का उल्लंघन करते हुए बड़े पैमाने पर किया गया है। सूत्रों के हवाले इन प्लॉट नंबरों पर ही मिली थी खनन लीज कुल 13 प्लाट पर हुई थी लीज़ पर उक्त स्वीकृत खनन क्षेत्र के बाहर उक्त क्षेत्र को छोड़कर आरोप है कि निर्धारित लीज क्षेत्र तक सीमित न रहते हुए इन प्लॉटों से बाहर लगभग 27 बीघा अतिरिक्त भूमि में अवैध रूप से पत्थर खनन कर लिया गया, जो खनन नियमों और कानून का खुला उल्लंघन है।

पूर्व मे 29 जुलाई 2025 को हुई थी , मापी जिसे रफा दफा करने की हुई थी कवायद और अधिक जानकारी मे सूत्र बताते हैं कि दिनांक 29-07-2025 को माइनिंग विभाग द्वारा खदान की मापी कराई गई थी, जिसमें गैर-लीज क्षेत्र में अवैध खनन की पुष्टि होने की खबरें सामने आयी थी परन्तु मामले पर लीपा पोती जैसा दोहरा मापदंड अपनाया और मापी प्रतिवेदन सार्वजनिक नहीं की गई और न अवैध खनन के विरुद्ध कड़ी कारवाई सुनिश्चित की गई सूत्रों ने बताया है की विगत 18/12/2025 को हुई मापी को रफा दफा किये जाने की सेटिंग गेटिंग भीतर खाने जारी है स्थानीय लोगों के अनुसार फिर खनन क्षेत्र की मापी कराई गई, लेकिन आरोप है कि उस मापी के परिणामों को भी रफा दफा/करने की कोशिश की जा रही है, ताकि अवैध खनन को छुपाया जा सके और मामले को दबाया जा सके आखिर खनन विभाग और ज़िला प्रशासन जब दूसरे मामलों मे डी जी एम एस और मजिस्ट्रेट से जांच करवा सकते है तो फिर सुंदरा पहाड़ी मे आलम को संगरक्षण किनके हाथ
Author: Jharkhand Nama
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