अवैध खनन की जबरदस्त जोड़ी एक नूरजमान तो दूसरा इस्हाक़ बनाया करोड़ों का अवैध कमाई

पाकुड़ ज़िलें के तालपाहाड़ी मे अवैध खनन का खेला एक रहमत डकैत तो दूसरा बना हमजा आखिर इनके संगरक्षक है कौन

नूरजमान शेख और इशाक शेख ने तोड़ दी अवैध खनन की सभी रिकॉर्ड बड़े पैमाने पर किया अवैध खनन सरकार को करोड़ों का लगाया चुना  इनकी अवैध सम्पति की हो जांच

JHN PKR पाकुड़ : पाकुड़ ज़िलें मे एक डायलॉग बड़ी सूट बैठती है एक रहमत और एक हमजा की कहानी आइये आप सभी को एक खास और अद्भुत तरकीब की बदौलत कितनी अवैध खनन और कितनी राजस्व की लूट को अंजाम दिया गया है आइये एक काला सच को इस रंगीन रात मे पढ़ने का आनद लीजिए और इसका विश्लेषण करें जब सिस्टम अधिकारी के हाथो मे है फिर भी अवैध कृत्यो को संगरक्षण क्यो और कैसे? मौजा ताल पहाड़ी मे स्वीकृत खनन लीज़ का विवरण दिनांक 06.01.2020 कोमौजा तलपाहाड़ी (संख्या–115), थाना–हिरणपुर में 6.97 एकड़ (2.82 हेक्टेयर) क्षेत्रफल हेतु स्वीकृत की गई तथा दूसरी खनन लीज़ दिनांक 09.01.2024 कोमौजा तालपहाड़ी-संख्या–115 थाना–हिरणपुर में 3.04 एकड़ (1.23 हेक्टेयर) क्षेत्रफल हेतु प्रदान की गई इस प्रकार लीज़धारी को कुल 10.01 एकड़ भूमि पर ही वैधानिक खनन की अनुमति है परन्तु इस लीज़ धारी ने एक गहरी साजिश के तहत लीज़ क्षेत्र से बाहर बड़े पैमाने पर अवैध खनन को अंजाम देने की नियत अपनाया और उपरोक्त दोनों स्वीकृत लीज़ क्षेत्रों को प्लाट को अपना जमींदारी समझकर छोड कर रखे और उनके सटे हुए प्लाट लीज़ सीमा से बाहर कम से कम 15–16 प्लॉटों में अवैध रूप से खनन किया गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लगभग 25–30 बीघा भूमि पर गैरकानूनी खनन किया जा चुका है, जो पूर्णतः लीज़ शर्तों एवं खनन अधिनियम का उल्लंघन है साथ साथ करोड़ों रुपये की रॉयल्टी चोरी पिछले 1–2 वर्षों के भीतर करोड़ों रुपये मूल्य के पत्थरों का उत्खनन एवं परिवहन किया गया है, जबकि इसके विरुद्ध सरकारी रिकॉर्ड में रॉयल्टी शून्य या नाममात्र दर्शाई गई है। इससे स्पष्ट है कि सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की क्षति पहुँचाई गई है साथ ही दिन-रात अवैध खनन एवं ब्लास्टिंग खनन कार्य दिन-रात (24 घंटे) भारी मशीनों, ड्रिलिंग एवं अवैध ब्लास्टिंग के माध्यम से किया गया है, जो खनन नियमों, पर्यावरणीय कानूनों एवं सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है प्राप्त जानकारी एवं तकनिकी सैटेलाइट इमेज से स्पष्ट प्रमाण सैटेलाइट इमेज के माध्यम से लीज़ सीमा से बाहर किए गए खनन को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिसे खनन एवं राजस्व विभाग के अधिकारी अपने कार्यालय में बैठे-बैठे सत्यापित कर सकते हैं। इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई न होना गंभीर लापरवाही अथवा संरक्षण की ओर संकेत करता है जो एक भ्रष्टाचार, आय से अधिक संपत्ति एवं राजनीतिक संरक्षण को स्पष्ट दर्शाता है अवैध खनन को संरक्षण देने हेतु खनन विभाग के कुछ पदाधिकारियों ने अवैध लाभ पहुँचाया है अवैध खनन से अर्जित धन से महंगी इमारतों का निर्माण, लाखों रुपये की जमीन की खरीद तथा 7–8 लग्ज़री वाहनों की प्राप्ति की गई है, जो आय से अधिक संपत्ति का गंभीर संकेत है। साथ ही राजनीतिक प्रभाव के दुरुपयोग द्वारा इस अवैध गतिविधि को निरंतर जारी रखा गया है। इस मामले पर ज़िला प्रशासन की चुप्पी और कारवाई दिखाई देगी या इनकी शिकायत अब ऊपरी मंजिल तक पहुचानी होंगी बड़ी विकट स्तिथि है और मजे की बात यह है की लेसी नूर जमान शेख ने अपने लीज़ क्षेत्र से बाहर कुल 12दागो पर करीब 20बीघा से ज्यादा अवैध खनन के साथ करोड़ों रुपये राजस्व की क्षति के साथ साथ करोड़ों की अकूत सम्पति अर्जित की है जिसकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी के हाथो होने से कई राज खुल सकते है

 

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Author: Jharkhand Nama

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