ग्रामीणों के दिलों में रंग जमाना और विश्वास बनाएं रखना ही समाजसेवा

झारखंड नामा अमित कुमार दास (पाकुड़ )ग्रामीणों का दिल जीतना कोई आसान काम नहीं होता। गाँव की मिट्टी में जो सच्चाई और भावनाएँ होती हैं, वो शहरों की चालाकी से बिल्कुल अलग होती हैं। गाँव के लोग सीधे-सादे होते हैं, लेकिन उनका विश्वास एक बार टूट जाए, तो उसे फिर से पाना लगभग नामुमकिन होता है यह एक पर लागु होती दिखाई दे रही है समाजसेवी अजहर इस्लाम की जिन्होंने महज साल भर मे ग्रामीणों को नई राह दिखाने का वादा किया वह पत्थर की धूल और गड्ढे नुमा रास्तो से चलकर ग्रामीणों की समस्याओ को बड़े करीब से देखा था इसी संकल्प के साथ उसने गाँव की समस्याओं को समझने और उन्हें हल करने का बीड़ा उठाया। उसने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वह उनकी जिंदगी को रहन सहन को बदल देगे उसने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नाम पर कई योजनाएँ जो ग्रामीणों के लिए सरकार देती है उन्हें उन तक पहुंचाने पर मदद करेगा जो ग्रामीणों को इस बातों पर विश्वास हुआ अजहर इस्लाम ने गाँव में एक नई उम्मीद जगाई। उसने कहा, “आपका भविष्य उज्वल होगा आपके बच्चे बच्चियों शिक्षित होंगी मैं आपके साथ हूँ।” ग्रामीणों ने उसे अपना नेता मान लिया वे उसकी हर बात पर भरोसा करने लगे। लेकिन समय बीतने लगा, और धीरे-धीरे उसकी असली सच्चाई सामने आने लगी।अजहर इस्लाम की जनता के प्रति लगाव और उनकी मदद सहयोग सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं थीं। बल्कि ग्रामीणों के मुँह जुबानी क्षेत्र मे फ़ैल रही है जिनसे ग्रामीणों आम जनता को यह कहाबत प्रभावित की हर चमकती चीज सोना नहीं होती उनके दिलों में जो रंग अजहर ने भरा था, वह अब ग्रामीणों की उम्मीद बन चुकि है विश्वास एक बहुत कीमती चीज है। इसे पाने में वर्षों लगते हैं, लेकिन इसे खोने में एक पल भी नहीं। ग्रामीणों का दिल जीतना आसान नहीं है, और जो लोग उनके भरोसे का गलत इस्तेमाल करते हैं, वे कभी सच्चे नेता या समाजसेवी नहीं बन सकते।
Author: Jharkhand Nama
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