“जनता हित सर्वोपरी” अजहर इस्लाम की असहायों के प्रति उदारता की जीवंत मिसाल
झारखंड नामा पाकुड़ :पाकुड़ की धरती पर जब भी निस्वार्थ सेवा और वंचितों के हक की बात होती है, तो एक नाम जुबान पर खुद-ब-खुद आ जाता है पूर्व एन डी ए प्रत्याशी सह समाजसेवी अजहर इस्लाम तीन साल के इस जनसेवा और वंचित पीड़ित सहित पानी की किल्लत को जिस स्तर पर अपने जनसेवा में इन्होंने कुर्सी को ‘हुकूमत’ का नहीं, ‘खिदमत’ का जरिया बनाया। इनका एक ही कथन है जो दफ्तर की दीवार पर नहीं, जनता के दिलों पर लिखा है और मेरे लिए “जनता हित सर्वोपरी”है असहाय के लिए हमेशा पहला दरवाजा

पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र मे सभी समुदाय के गरीब, विधवा, दिव्यांग और बेसहारा लोगों की फरियादें अक्सर फाइलों में दम तोड़ देती हैं। पर अजहर इस्लाम के जनता दरबार मे ऑन स्पॉट शिकायत का हल निकल जाता है सुबह 10 बजे से पहले ही उनके निजी आवास का गेट खुल जाता है। टोकन सिस्टम नहीं, सीधी सुनवाई बूढ़ी अम्मा राशन कार्ड लेकर आए या मजदूर पेंशन के लिए, अजहर साहब खुद उनकी मरहम पर प्यार का घुट पिलाते हैं एक कॉल पर मदद कई गांवों के लोगों का कहना है कि रात हो या दिन कभी समस्या हो फोन उठा लेते हैं। बीमारी, थाने का केस, “कल दफ्तर आना” कहकर नहीं टालते वंचितों के लिए सरकारी योजनाएँ कागज से निकलकर गरीब की झोपड़ी तक पहुँचें, इसे अजहर इस्लाम ने इस क्षेत्र की आम जनता को जागरूक कर दिया है जो अब सही और गलत शिक्षा और स्वस्थ की समझ अपनों तक हासिल करें जनप्रतिनिधि से सीधा सवाल करें उदार भाव” का मतलब सिर्फ पैसा नहीं, इज्जत देना असहाय के प्रति उदारता का मतलब सिर्फ मदद करना नहीं होता। अजहर इस्लाम ने वंचितों को उन्हें हर पल मदत पहुंचाया है और यह सेवा निरंतर जारी है कई रूप मे
Author: Jharkhand Nama
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