सिडनी से फरक्का तक गूंजा सम्मान – समाजसेवी लुत्फुल हक का भव्य अभिनंदन, बोले – “जरूरतमंद के चेहरे की मुस्कान ही असली सेवा है”

फरक्का में रेड क्रॉस ने रचा सम्मान का संगम, ऑस्ट्रेलिया में सम्मानित लुत्फुल हक के हाथों 6 भावी डॉक्टरों का भी हुआ सम्मान
झारखंड नामा ब्यूरो पाकुड़: समाजसेवा की मिसाल बने लुत्फुल हक के सम्मान में फरक्का एक बार फिर गौरवान्वित हुआ। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में दैनिक जागरण द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने के बाद, स्वदेश लौटने पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, फरक्का ने ब्लॉक हॉल में उनका भव्य स्वागत-सह-सम्मान समारोह आयोजित किया समारोह में समाज के हर वर्ग के लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच लुत्फुल हक का अभिनंदन किया। सिडनी में मिला यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे फरक्का और पाकुड़ अंचल की मानवता की जीत बताया गया मंच से सम्मान स्वीकार करते हुए लुत्फुल हक ने दिल को छू लेने वाली बात कही –
“सम्मान से मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। समाजसेवा का असली मकसद अवार्ड नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना है। वही मुस्कान मेरी सबसे बड़ी ट्रॉफी है।”
जब सीनियर ने बढ़ाया जूनियर का हौसला
समारोह की सबसे खास तस्वीर तब बनी जब लुत्फुल हक ने खुद मंच से 6 होनहार युवाओं को सम्मानित किया। ये वो छह छात्र हैं जिन्होंने कठिन परिश्रम से NEET क्वालीफाई कर मेडिकल की राह पकड़ी है उन्होंने सभी को मोमेंटो देकर सम्मानित किया और कहा, “आपकी सफलता सिर्फ डॉक्टर बनने के लिए नहीं है, बल्कि अपनी काबिलियत को गरीब और जरूरतमंद की सेवा में लगाने के लिए है। तभी आपकी सफलता सार्थक होगी।”
मौजूद रहे कई गणमान्य
कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी फरक्का के संपादक कल्याण कुमार भट्टाचार्य, अधिवक्ता रबीउल आलम, हाजिकुल इस्लाम, दीपरजीत भगत, विश्वजीत हालदार, दीपायन तालुकदार, सोमित्रो मित्रा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। मंच का कुशल संचालन देबोलीना बनर्जी ने किया।
यह समारोह सिर्फ एक सम्मान नहीं था, बल्कि दो पीढ़ियों का संगम था – एक जिसने सेवा से विदेश में देश का नाम रोशन किया, और दूसरी जो आने वाले कल में सेवा को ही अपना धर्म बनाएगी।
Author: Jharkhand Nama
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