पाकुड़ जिले में भू माफिया का मनोवल सातवे आसमान पर कभी ऑफिस पर दादागिरी तो कभी सड़क पर

बीच सड़क पर अचानक हमला कर अंजाम देते आ रहे बडे़ जानलेवा हमले शासन प्रशासन असमंजस में
मामले के अभियुक्तों की गिरफ़्तारी एवं कारवाई को लेकर राष्टीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली , पुलिस अधीक्षक, पुलिस महा निरीक्षक धुर्वा के समक्ष दर्ज़ की शिकायत

पाकुड़ विशेष संवाददाता: पाकुड़ जिले में कई दिनों से भू माफिया का आतंक और मनोवल इतना पहुंच पर है की कभी भी कही कोई जानलेवा हमला गुट बनाकर अंजाम तक पहुंचाया जा सके इस जानलेवा हमले के पीछे का राज कया है यह एक गहन विवेचन का विषय शासन प्रशासन के समझ हैं पाकुड़ जिले में भू माफिया का आतंक इस कदर बढ़ चूका है की यह कहीं भी किसी विवादित जमीन को भी दखल कब्जा दिलाने का ठेका ले रखा है पाकुड़ जिले में कई इस तरह की घटनाएं आमने सामने आई पर शासन प्रशासन के नीति और नीयत के आगे सभी बेबस साबित हो रहे हैं हाल का ताजा मामला जो दिनांक 3/6/23 के रात्री करीब 10:30 बजे से रात्री 11:00 बजे का बताया जा रहा है की भरत तीर्थानी और दिनेश ललवानी जो बागती पाड़ा के तालाब के पास कोई बातचीत कर रहे थे इस बीच पहले से धात लगाए एक साजिश के तहत् इन दोनों पर रंजीत चौबे, अमर ठाकुर, राजेश साहा, रोहित गुप्ता, एवं अन्य अज्ञात 5व्यक्ति मौके से गुट बनाकर इन दोनों पर ताबड़ तोड़ मारपीट लोहे का रॉड, लाठी डंडा हॉकी का बैट, धारदार चाकू से प्रहार किया जिसमे दिनेश ललवानी बुरी तरह से ज़ख्मी है जो बेहतर ईलाज को बंगाल में ईलाजरत हैं इस घटना में दिनेश ललवानी और भरत तीर्थानी पर जान मारने के नीयत से यह घटना को अंजाम देने की बाते सामने आ रही हैं साथ साथ इस मामले को प्रभावित करने की मंशा से आरोपियों के द्वारा भी कांड संख्या 122/23 दर्ज़ करवाया गया है ताकि इस मामले को दवाया जा सके इस मामले पर पीड़ित भरत तीर्थानी ने नगर थाना मे शिकायत दर्ज करवाई हैं जिसपर थाना कांड संख्या 121/23दिनांक 4/6/23 दर्ज़ किया गया है पर इस मामले के अभियुक्तो को गिरफतार करने की दिशा में आवश्यक कारवाई सुनिश्चित नही की गई है इस मामले पर पीड़ित भरत तीर्थानी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एवं पुलिस महा निरीक्षक धुर्वा रांची, एवं पुलिस अधिक्षक पाकुड़ को शिकायत आवेदन समर्पित कर मामले पर जल्द से जल्द कारवाई एवं अभियुक्तों की गिरफ़्तारी को लेकर शिकायत दर्ज करवाई हैं पाकुड़ जिले में शासन प्रशासन एक मुक दर्शक पहलू बन जानें के कगार पर है इस तरह के कई मामले वरीय पुलिस पदाधिकारी के पास पहुंच चुकी है पर पाकुड़ शासन प्रशासन के कानों में जूं तक रेंगती नज़र नहीं आती हैं
Author: Jharkhand Nama
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