हवलदार ललन पासवान की आत्महत्या असमंजस का आलम
झारखंडनामा/ अमित कुमार दास/ पाकुड़ के नगर थाना पाकुड़ क्षेत्र के शिव शीतला मंदिर परिसर स्थित (टीओपी) के एक कमरे में (27अक्टूबर 2023 गुरुवार शाम को) पदास्थापित लगभग 58 वर्षीय हवलदार ललन पासवान का शव पंखे में रस्सी के सहारे लटकता पाया गया। हवलदार ललन पासवान बिहार जिला मुंगेर के थाना कोतवाली क्षेत्र अन्तर्गत दिलावरपुर के रहने वाले हैं। टीओपी प्रभारी एस आई प्रमोद कुमार ने बताया कि हमलोग टीओपी के बगल में किसी को को लेकर गये हुए थे। लौटकर आया तो देखा टीओपी के एक कमरा अन्दर से बंद है। कहा स्थिति देखते हुए बगल के कुछ लोगों को बुलाया और दरवाजा को किसी तरह खोलकर अन्दर गया तो हवलदार ललन पासवान को पंखे में रस्सी के सहारे लटकता पाया। उन्होंने कहा कि वरीय पदाधिकारी को घटना की सूचना दे दिया गया तथा परिजनों को भी घटना जानकारी दे दी गई। इधर सूचना मिलते ही पाकुड़ एसडीपीओ अजीत कुमार विमल, प्रशिक्षु डीएसपी अजय आर्यन, नगर थाना प्रभारी मनोज कुमार, सदर अस्पताल की चिकित्सक मौके पर पहुंचे और शव को उतार कर परीक्षण करने के पश्चात पोस्टमार्टम के लिए पाकुड़ सदर अस्पताल सोनाजोरी भेज दिया गया। सूचना मिलते ही मौके पर आये एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने कहा कि घटना लगभग पांच बजे की आसपास हुआ है, परिजनों खबर दे दी गई है, परीक्षण के लिए डॉक्टर को भी बुलाया गया है, वे कुछ दिनों से परिवारिक तनाव से जुझ रहे थे। साथ ही पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल सोनाजोरी भेज दिया गया है। मृतक हवलदार का परिवार रोते बिलखते बोकारो से शनिवार (28/10/2023) को अहले सुबह पाकुड़ पहुंचे। मृतक हवलदार ललन पासवान के सुपुत्र अनुराग देव ने टीओपी के कमरे में रहे पिता की सभी समान को निकलते हुए आंख से आंसु रोक नहीं पा रहा था। दु:ख भरी क्षण में पुत्र अनुराग देव ने कहा कि 27 अक्टूबर 2023 को भी पापा से दूरभाष पर बात हुआ, सब कुछ सामान्य था, किसी तरह की कोई परेशानियों में नहीं लग रहे थे। मृतक हवलदार ललन पासवान की लगभग 46 वर्षीय पत्नी अनिता देवी ने आंख से आंसू रोक नहीं पा रही थी, फिर भी हिम्मत जुटाने की प्रयास कर रही थी, पुछने पर किसी तरह हिम्मत जुटाते हुए कहा कि हम पति-पत्नी की दंपति जीवन की सुखमय जिन्दगी बहुत ही खूबसूरत थी। किसी प्रकार की कोई इश्यू नहीं थी, सब सामान्य था। मगर अचानक आत्महत्या की खबर जिन्दगी की सभी खाहिशों पर पानी फेर दिया। बाहरेहाल संसय का आलम है कि टीओपी में पदास्थापित सभी कर्मचारी, पहले भी साथ में ड्यूटी निभाये साथीगण सह- पाकुड़ के आम लोगों ने भी कह रहे हैं कि बहुत ही अच्छे और मधुर मिलनसार स्वभाव के थे। परिजनों ने भी कह रहे हैं कि किसी प्रकार की कोई इश्यू या टेंशन नहीं था। आखिर ऐसी क्या वजह रही होगी कि हवलदार ललन पासवान आत्महत्या कर अपनी सुनहरे जिन्दगी को खत्म कर लिया। समाचार लिखे जानेतक समय करीब 10:15 के आसपास प्रशासनिक अधिकारी सह- अस्पताल के डॉक्टर्स पोस्टमार्टम की तैयारी में लगे हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के पश्चात तथा पुलिस तफ्तीश के बाद ही मृत्यु की गुत्थी का खुलासा हो सकती है।
Author: Jharkhand Nama
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