पाकुड़ पुलिस खास दिगम्बर पर क्यों है मेहरबान आखिर इसकी पैरवी या इनका दबंगई है पहचान

एससी/एसटी मामले के अभियुक्त को राहत पहुंचाने मे पाकुड़ पुलिस की है अहम् भूमिका

पाकुड़ / हिरणपुर थाना कांड 36/24 जो एससी/ एसटी के तहत दिगम्बर साहा के विरुद्ध दिनांक 06/06/24 को दर्ज़ हुई है इस मामले पर अनुसंधान एवं पर्यवेक्षण भी पीड़िता के वयान पर एवं गवाहों के बयान पर हुई है मामले मे शातिर और दबंग आरोपी दिगम्बर साहा को पाकुड़ पुलिस अब तक संगरक्षण देते आ रहीं है क्यों ना इस ज़िलें मे उनके जान पहचान के प्रयवेक्षण पदाधिकारी जो पद पर विराजमान है उनसे दुआ सलाम और पैरवी भी लाजमी है आखिर इस मामले के अभियुक्त को किस उद्देश्य से संगरक्षण दिया जा रहा समझ से परे है इस मामले की पीड़िता ने बताया है की इस मामले को प्रभावित करने की भरपूर कोशिस की जा रहीं है पीड़िता ने बताया की अभियुक्त और पर्यवेक्षण पदाधिकारी पाकुड़ के बीच गहरा रिश्ता कायम होने की बात सामने आई है इस स्थिति मे एससी/ एस टी मामले को धाराशई करने को सारी शक्ति, भक्ति, चमचा गिरी, और आर्थिक पेसकाश सभी तरह के नुस्खे जरूर अपनाएंगे पाकुड़ पुलिस का एक दोहरा चरित्र सामने उभर रहा है जो इस ज़िलें के लिए गंभीर है आखिर अनुसंधान एवं पर्यवेक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियो के पास आने वाले पैरवी वाले मोबाइल फोन की जांच करें तो मामले की लीपापोती के कई बड़े साक्ष्य और लेन देन का मामला सामने आ सकता है पीड़िता ने बताया है की यदि आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती है तो मे उप राजधानी दुमका या मुख्यमंत्री आवास मे न्याय के गुहार लगाने के लिए धरना या भूख हड़ताल करेंगे
Author: Jharkhand Nama
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