कैसी है न्याय प्रथा चार महीनों तक जांच के नाम पर संगरक्षण शायद यह गरीबों के हिस्से की न्याय है या वंचित रखने का एक तरीका 

हिरनपुर थाना कांड 36/24 के आरोपी दिख रहे है साहबो के कार्यालय सहित थाने के अगल बगल मे 

 

पीड़िता ने अनुसूचित जनजाति आयोग, राष्ट्रपति महोदया, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, सहित सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मामले मे हो रहीं उलट फेर की शिकायत 

कैसी है न्याय प्रथा चार महीनों तक जांच के नाम पर संगरक्षण शायद यह गरीबों के हिस्से की न्याय है या वंचित रखने का एक तरीका 

पाकुड़ : हिरनपुर थाना कांड 36/24 के नामजद आरोपी जो अपनी दबंगई और शातिराना अंदाज़ मे ज़िलें के पुलिस पदाधिकारी के कार्यालय सहित थाना का चक्कर लगा रहे है और अपने काले करतूतों पर पर्दा डालने के लिए कई खास और कई अधिकारी की मिली भगत से इन होसलो के साथ इतने गंभीर आरोप के बाबजूद साहबो के कार्यालय के चक्कर लगाकर एक असहाय आदिम जनजाति की पीड़िता को न्याय से वंचित करना बड़ा ही दुख दायी है इसी को लेकर पीड़िता ने पुलिस महानिदेशक का चौखट पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई पर इस दबंग और शातिर आरोपी की दबंगई के सामने सिस्टम ही फेल हो जाता है और उनके प्रभाव मे आकर उनके बचाब की गुर सीखाते है इन मामलों से पीड़िता ने अब कफन बांध ली है और उन्होंने अपना रोद्र रूप अख्तियार करते हुए ठान ली है जब झारखंड दरबार से न्याय नहीं मिल सकती तो दिल्ली दरबार से न्याय के साथ साथ मामले की सी बी आई जांच का आग्रह करने के साथ साथ सिस्टम मे फैले भस्ट्राचार की भी जांच करवाकर रहूंगी मे एक पहडिन समुदाय से हूं और सारे दिकू मिलकर उनकी बचाब मे है और उनके द्वारा पाकुड़ के चौक चौराहो पर धमकी के साथ साथ उन्हें अबकी बार बलात्कार और उलटा लटकाकर टांग कर बलात्कार करने की धमकी भी पीड़िता को दे रहे है पाकुड़ प्रशासन की बेरुखी और आरोपी के प्रति दीवानगी को देखते हुए दिल्ली दरबार तक अपनी लिखित शिकायत प्रेषित कर दी है उन्होंने पत्र मे लिखा है की मुझे पुलिस अधीक्षक से न्याय की उम्मीद थी और उनके हस्तक्षेप से ही आरोपी के ऊपर हिरनपुर थाना कांड 36/24 दर्ज़ हुआ पर उन्हें भी निचे स्तर के जांच पुलिस पदाधिकारी और उनके अनुसन्धान करने वाले सम्बंधित गवाही दर्ज़ होने के बाबजूद 4 महीनों से आरोपी को संगरक्षण देते आ रहे है उन्होंने अपने शिकायत मे अनुसूचित जनजाति आयोग और मानवाधिकार आयोग के साथ साथ प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति महोदय के अलावे सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजा है और मेल भी किया है उन्होंने लिखा है उन्हें भू माफिया और स्थानीय राजनितिक पैरवीकार के साथ साथ पत्थर कारोबारी का पैरवी से आरोपी अब तक सुरक्षित साहबो के कार्यालय और अगल बगल मे चक्कर लगा रहे है
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Author: Jharkhand Nama

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