
JHN DESK साहिबगंज (SAHIBGANJ): साहिबगंज जिला अंतर्गत कोटालपोखर थाना क्षेत्र इन दिनों अवैध खनिज तस्करी का गढ़ बन चुका है। एक दिन, दो दिन नहीं, बल्कि हर दिन सैकड़ों ओवरलोड ट्रक बिना माइनिंग चालान के पश्चिम बंगाल की ओर धड़ल्ले से जा रहे हैं। इससे न केवल झारखंड को करोड़ों का राजस्व नुकसान हो रहा है, बल्कि प्रशासन की चुप्पी ने भ्रष्टाचार की बू को और भी तेज कर दिया है।
कोटालपोखर क्षेत्र में प्रशासन द्वारा तीन चेक नाके बनाए गए हैं, जहाँ मजिस्ट्रेट से लेकर पुलिस चौकीदार तक की तैनाती है। इसके बावजूद सबसे बड़ा सवाल यही उठता है जब तैनाती पूरी है, तो कार्रवाई क्यों नहीं ?
सबसे बदनाम बन चुका है जीवनपुर चेक नाका जहाँ हर सुबह लगता है कट मनी का बाजार दलाल, और कुछ चिह्नित चेहरे अपने-अपने हिस्से का लेन-देन तय करते हैं यह सब जानते हुए भी प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
क्या यह मिलीभगत नहीं है ?
जब हर दिन करोड़ों की लूट हो रही है, तब मौन रहना क्या लापरवाही है या संलिप्तता ? आखिर किसके इशारे पर यह खेल चल रहा है और क्यों नहीं हो रही ठोस कार्रवाई ?j
जनता पूछ रही है अब कब जागेगा प्रशासन?
अब देखना है कि क्या शासन-प्रशासन इस खुली लूट पर लगाम कसने की हिम्मत जुटा पाएगा या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा।
Author: Jharkhand Nama
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