
JHN DESK पाकुड़ (PAKUR) पाकुड़ में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 को लेकर उपायुक्त मनीष कुमार के निर्देशानुसार जिले में विशेष स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और पाकुड़ को स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर लाना है।
उपायुक्त ने कहा कि पाकुड़ को स्वच्छता के क्षेत्र में नंबर वन बनाने के लिए एक जन आंदोलन की आवश्यकता है, जिसमें हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
प्लास्टिक कचरा हुआ चिन्हित, हर घर के बाहर टंगे बोरे
अभियान के तहत जिले भर में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष बल दिया गया। ग्रामीणों को प्रेरित किया गया कि वे अपने घरों के बाहर एक बोरा टांगकर उसमें प्रतिदिन उपयोग होने वाले प्लास्टिक कचरे को जमा करें। जलसहिया दीदियों ने प्रत्येक घर में जाकर लोगों को “मेरा कचरा, मेरी जिम्मेदारी” का संदेश दिया।
सूखा-गीला कचरा अलग रखने पर जोर
प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सूखा और गीला कचरा अलग-अलग डब्बों में रखने का सुझाव दिया गया। इसके लिए पुराने डिब्बे, कार्टून, या तेल के टिन जैसे सुलभ संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा दिया गया। सप्ताह में कम-से-कम एक दिन एक घंटे का श्रमदान कर गांव की सफाई का संकल्प भी दिलाया गया।
हर घर से ₹20 सहयोग — सामूहिक भागीदारी
ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति में हर घर से प्रति माह ₹20 का स्वच्छता सहयोग देकर गांव को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की गई। सामुदायिक और धार्मिक स्थलों को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए भी जागरूकता फैलाई गई।
इस अभियान में आंगनबाड़ी सेविकाएं, स्वास्थ्य सहिया, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्वच्छता से स्वास्थ्य की ओर यह सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर नागरिक का मिशन बनना चाहिए। सभी की सहभागिता से ही पाकुड़ को स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में अव्वल स्थान दिलाया जा सकता है।
Author: Jharkhand Nama
News portal





