डेंगू नियंत्रण के लिए पाकुड़ में सघन अभियान, डॉ. अमित ने की सामूहिक सहयोग की अपील

JHN DESK पाकुड़ (PAKUR) पाकुड़ जिले में डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एक सघन निगरानी और जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान की अगुवाई ज़िला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार कर रहे हैं, जिन्होंने लोगों से सामूहिक जागरूकता और सहयोग की अपील की है।

70 से अधिक स्थानों पर मिले डेंगू लार्वा

डेंगू पर निगरानी के लिए 2025 की एडीज लार्वा डेंसिटी सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, जिले के 78 प्रमुख सार्वजनिक स्थानों की जांच की गई। इनमें रथ मेला मैदान, टाउन हॉल, पार्क, सरकारी कार्यालय परिसरों, जेल, कोर्ट, नगर परिषद, बस स्टैंड, स्कूल, छात्रावास, होटल और विवाह भवन जैसे स्थान शामिल हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से 70 स्थानों पर डेंगू के लार्वा पाए गए, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

इसके अलावा सेंटिनल साइट्स पर जारी 100 दिवसीय विशेष सर्वे के अंतर्गत अब तक 120 घरों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 8 घर डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। यह आंकड़ा यह बताता है कि डेंगू अब केवल सार्वजनिक स्थलों तक सीमित नहीं, बल्कि घरों तक पहुंच चुका है।

एक लापरवाह कंटेनर से जन्म लेते हैं सैकड़ों मच्छर – डॉ. अमि

डॉ. अमित कुमार ने कहा, एक लापरवाह कंटेनर सैकड़ों मच्छरों को जन्म दे सकता है।” उन्होंने लोगों से सप्ताह में एक दिन सिर्फ 20 मिनट का समय निकालकर घर और आसपास जमा पानी की सफाई करने की अपील की। कूलर, फूलदान, पानी की टंकी, कबाड़ में रखे बर्तन, पुराने टायर आदि में पानी जमा न होने दें, क्योंकि यह एडीज मच्छर के पनपने के प्रमुख स्रोत हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तेज़ बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द या त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच करानी चाहिए।

चलाया जा रहा है घर-घर जागरूकता अभियान

स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवकों और नगर निकायों के सहयोग से जिले में घर-घर जागरूकता अभियान, लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई, लार्वानाशी का छिड़काव, और IEC (सूचना, शिक्षा और संचार) सामग्री का वितरण किया जा रहा है।

डॉ. अमित ने कहा कि डेंगू को हराने का सबसे बड़ा हथियार सामूहिक भागीदारी है। उन्होंने कहा, समय पर रोकथाम और जन सहयोग ही पाकुड़ को डेंगू मुक्त बना सकते हैं।

आमजनों से अपील

डॉ. अमित ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा, डेंगू के खिलाफ यह जंग सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की नहीं, बल्कि हम सभी की है। यदि हम सभी थोड़ा-थोड़ा प्रयास करें, तो यह बीमारी हमारे जिले से हमेशा के लिए खत्म की जा सकती है।

पाकुड़ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की यह पहल न सिर्फ एक सजगता का प्रतीक है, बल्कि एक सामूहिक चेतना का आह्वान भी है  आइए, डेंगू को जड़ से खत्म करने का संकल्प लें।

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Author: Jharkhand Nama

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